what is e way bill in hindi under gst

what is e way bill in hindi under gst

what is e way bill in hindi under gst – GST लागू होने के बाद से GST एक्ट में आये दिन अलग – अलग तरह के  बदलाव किये जा रहे है जिससे हर वर्ग के लोग चाहे वो व्यापारी हो या आम आदमी या कोई एक्सपर्ट हो सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 1 अप्रैल 2018 से भारत में ई वे बिल ( E WAY BILL ) लागू किया जा चुका है।

1 जून 2018 से INTRA STATE ( राज्य के भीतर ) भी गुड्स ट्रांसफर करने पर E -WAY बिल लागू हो जायेगा।    (more…)

कम्पोजीशन स्कीम क्या है और किसके द्वारा यह अपनायी जा सकती है – gst composition scheme in hindi

कम्पोजीशन स्कीम क्या है और किसके द्वारा यह अपनायी जा सकती है – gst composition scheme in hindi

gst composition scheme in hindi – जीएसटी सिस्टम में सप्लाइज के रिकार्ड्स मेन्टेन करना और हर महीने रिटर्न फाइल करना एक बिजनेसमैन  के लिए काफी जटिल समस्या है। एक बिजनेसमैन हमेशा यही चाहता है कि उसका ज्यादा से ज्यादा ध्यान उसके बिज़नेस की तरफ हो न कि टैक्स की कैलकुलेशन में। और जीएसटी सिस्टम में टैक्स कैलकुलेशन की प्रोसेस थोड़ी जटिल होने से कारोबारियों को बिज़नेस करने में कठिनाई का अनुभव करना पड़ रहा है। (more…)

जीएसटी रिटर्न्स के फॉर्म्स के टाइप्स और Due डेट – gst return in hindi

जीएसटी रिटर्न्स के फॉर्म्स के टाइप्स और Due डेट – gst return in hindi

जीएसटी रिटर्न – gst return in hindi

gst return in hindi – जीएसटी एक्ट में रजिस्टर्ड सभी पर्सन को जीएसटी रिटर्न भरना mandatory है। रजिस्टर्ड पर्सन द्वारा जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं करने या देरी से फाइल करने पर जीएसटी एक्ट में इंटरेस्ट और पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। इसलिए एक रजिस्टर्ड पर्सन को समय पर जीएसटी रिटर्न फाइल करना चाहिये। (more…)

जीएसटी सिस्टम में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म क्या है और यह कैसे काम करता है – reverse charge gst meaning in hindi

जीएसटी सिस्टम में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म क्या है और यह कैसे काम करता है – reverse charge gst meaning in hindi

reverse charge gst meaning in hindi – सामान्य तौर पर जीएसटी सिस्टम में गुड्स एंड सर्विसेज के सप्लायर द्वारा गवर्नमेंट को जीएसटी का भुगतान किया जाता है। एक टैक्सेबल पर्सन गुड्स एंड सर्विसेज के Purchaser से जीएसटी कलेक्ट करता है और उसका गवर्नमेंट को भुगतान करता है।

लेकिन जीएसटी सिस्टम में कुछ केसेस ऐसे भी जहाँ गुड्स एंड सर्विसेज के सप्लायर द्वारा गवर्नमेंट को जीएसटी का भुगतान न किया जाकर गुड्स एंड सर्विसेज के प्राप्तकर्ता द्वारा किया जाता है। इसी प्रोसेस को रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तौर पर जाना जाता है। (more…)

इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या है और शर्ते जिनके पूरा नहीं होने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम नहीं की जा सकती – gst tax in hindi

इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या है और शर्ते जिनके पूरा नहीं होने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम नहीं की जा सकती – gst tax in hindi

gst tax in hindi – इनपुट टैक्स क्रेडिट जीएसटी का सबसे मुख्य Concept है। जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम के होने से कास्केडिंग ( टैक्स पर टैक्स ) इफ़ेक्ट अस्तित्व में नहीं रहा। पुराने Indirect Taxes में जो टैक्स पर टैक्स का सिस्टम था उसे जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से समाप्त कर दिया गया है। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या होती है और इनपुट टैक्स क्रेडिट से कैसे हम अपनी जीएसटी की लायबिलिटी को कम कर सकते है व इसके लिए क्या शर्ते पूरी होनी जरुरी है। (more…)

जीएसटी कब लगता है – Concept of supply Under GST (GST bill in hindi )

जीएसटी कब लगता है – Concept of supply Under GST (GST bill in hindi )

GST Bill in Hindi – जीएसटी को लागू करने से पहले जो भी Indirect टैक्सेस चलन में थे उन सभी में टैक्सेबल इवेंट अलग अलग थे जैसे गुड्स के निर्माण पर, विक्रय पर और सर्विसेज को प्रदान करने पर आदि।  लेकिन GST को लागू करने के बाद यानि 1 जुलाई 2017 के बाद टैक्सेबल इवेंट गुड्स & सर्विसेज या दोनों की सप्लाई पर निर्भर करता है। अर्थात गुड्स & सर्विसेज या दोनों की सप्लाई होगी तो GST लगेगा अन्यथा नहीं। (more…)

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