Filing of Revise Return us 139 (5) – कई बार ओरिजिनल Return को फाइल करते समय कुछ गलती हो जाती है, या कुछ Item Return में नहीं दिखाते, या कभी कोई Deduction क्लेम करना भूल जाते है, या कई बार कुछ Information Return फाइल करने के बाद Knowledge में आती है, तो ऐसी स्थित्ति में Original Return में बदलाव किया जा सकता है, जिसे रिटर्न को Revise (संशोधित ) करना कहते है। 

“Income Tax Return को Revise इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 (5 ) में किया जाता है ।”

In Other Words ओरिजिनल Return में कुछ Addition या कुछ Changes करने के लिए हम Return को Revise कर सकते है ।

यह भी जानने इनकम टैक्स रिटर्न क्या है और इनकम टैक्स रिटर्न के सभी फॉर्म्स की डिटेल ( NEW FORMS)

Who Can File Revise Return ?

कोई Person जिसने Due Date से पहले या Due Date के बाद Return फाइल की हो, तो ऐसा पर्सन अपनी Return को Revise कर सकता है। Assessment Year 2017-18 से ऐसी Return जो Due Date के बाद फाइल की गयी है, भी Revise की जा सकती है । इसका मतलब यह हुआ कि अब कोई भी रिटर्न revise की जा सकती है, चाहे वह टाइम पर फाइल हो या नहीं हो।

एक बार जब Revise Return फाइल कर दी जाती है, तो यह ओरिजिनल Return का स्थान ले लेती है और ये उस Date को फाइल की हुई मानी जाती है, जिस Date को ओरिजिनल Return फाइल की गयी थी ।

Revise Return फाइल करने के बाद आपका कर -निर्धारण Revise Return के आधार पर किया जाता है न कि पहले फाइल की गयी मूल रिटर्न के आधार पर।

Revise रिटर्न को फाइल करने की समय -सीमा (Time Limit of Filing Revise Return)

कोई पर्सन जिसने Due Date तक अपनी Return फाइल की हो या Due Date के बाद अपनी Return फाइल की हो, जो भी केस हो, अपनी Return सम्बंधित Assessment Year के समाप्त होने तक या Assessment (सेक्शन 143 (3 ) या 144 ) के समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो अपनी ओरिजिनल रिटर्न को Revise कर सकता है ।

उदाहरण के लिए – यदि कोई पर्सन Assessment Year 2018-19 की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है, तो वह 31 मार्च 2019 या Assessment के समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो Return को Revise कर सकता है।

यह भी जानने जीएसटी सिस्टम में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म क्या है और यह कैसे काम करता है

एक रिटर्न को कितनी बार Revise किया जा सकता है ? (How Many Time A Return Can Be Revise ?)

Income Tax Returns जो Due Date के पहले फाइल की गयी है या ऐसी Return जो Due Date के बाद फाइल की गयी है, को कितनी भी बार Revise किया जा सकता है ।

यहाँ तक की एक Revise Return को भी Revise किया जा सकता है यदि समय सीमा समाप्त नहीं हुई है । लेकिन Return को Revise करने से Return के Scrutiny में आने के chances बढ़ जाते है और यह विशेषकर तब होता है, जब Revise Return एक बड़ी राशि के रिफंड को Generate कर रही हो |

इसलिये Return को Revise तभी करे जब आपके पास इसका एक Valid कारण हो ।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी Revise Return तभी Allow करता है, जब आपसे कोई गलती अनजाने में हुई हो । Return को Revise करने का फायदा ऐसे पर्सन को प्राप्त नहीं होगा जिसने गलत Return फाइल की हो और वह जानता है की यह गलत है ।

कई बार करदाता ओरिजिनल Return में कम इनकम Show करते है और Revise Return में अधिक इनकम Show करते है, तो अगर ऐसी अधिक इनकम को ओरिजिनल Return में शामिल नहीं करने का बोनाफाइड कारण था, तो पेनल्टी नहीं लगेगी अन्यथा पेनल्टी लग सकती है ।

यह भी जानने फिक्स्ड डिपॉजिट्स पर टीडीएस के बारे में जानकारी- सेक्शन 194 A

Examples: Filing of Revise Return us 139 (5)
  1. श्रीमान करण शर्मा एक Individual है और Assessment Year 2018-19 में उनकी इनकम 3 लाख है ,तो उनके लिए Return फाइल करना Mandatory है एवं उनकी Return फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2018 होगी । उन्होंने अपनी Return 10 जुलाई 2018 को फाइल करी और Return में कुछ Deductions क्लेम करना भूल जाते है,लेकिन कुछ समय बाद उन्हें इस बारे में पता चलता है और अब वह अपनी Original Return में कुछ बदलाव करना चाहते है । तो ऐसी Situation में वह अपनी Return को 31 मार्च 2019 या Assessment समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो, Revise कर सकते है।
  2. योगा सेंटर एक चैरिटेबल ट्र्स्ट है और Assessment Year 2018-19 की Return 30 मई 2018 को फाइल करते है और 15 जुलाई 1018 को अपनी ओरिजिनल Return को Revise करते है । कुछ समय बाद योगा सेंटर अपनी Revise Return को फिर से Revise करना चाहते है, तो ऐसी Situation में वे अपनी Revise Return को फिर से Revise कर सकते है, यदि Return को Revise करने की समय सीमा समाप्त नहीं हुई है ।

नोट : एक Return को कितनी भी बार Revise किया जा सकता है बशर्ते Return को Revise करने की समय सीमा समाप्त नहीं हुई हो ।

  1. श्रीमान जगदीश ने Assessment Year 2018-19 की Return 15 जुलाई 2018 को फाइल की लेकिन इसमें कुछ Deduction क्लेम करना भूल गए । बाद में उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को एक लेटर भेजा जिसमे उन्होंने बताया की वो गलती से Deduction क्लेम करना भूल गए है तो वह Deduction उन्हें Allow की जाये । लेकिन Assessing Officer(A.O.) ने उस Deduction को Allow नहीं किया। क्योकि A.O. को लेटर भेजना Return को Revise करना नहीं माना जाता है और A.O. के पास ऐसी कोई Power नहीं होती की वो किसी क्लेम को Revise Return फाइल किये बिना Allow कर सके।

4. श्रीमान कमलेश ने Assessment Year 2018-19 की Return 15 मई 2018 को फाइल की, जिसमे उन्होंने रिफंड क्लेम किया और उनकी Return सेक्शन 143 (1 ) में प्रोसेस होने के बाद जुलाई में रिफंड मिल जाता है। लेकिन श्रीमान कमलेश को बाद में पता चलता है कि उन्होंने कुछ इनकम ओरिजिनल Return में Show नहीं करी जिससे उनकी टैक्स Liability बन रही है और अब वह अपनी Return को Revise करना चाहते है । ऐसी Situation में वे अपनी Return को Revise कर सकते है, क्योकि 143 (1 ) में Return को प्रोसेस किया जाना असेसमेंट का समाप्त होना नहीं माना जाता है।

आपको Revise रिटर्न के बारे में हमारा आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे आगे शेयर जरूर करे।

यह भी जाने :

Shares
Footer Codes in Head and Footer Code