home loan tax benefit in hindi – गवर्नमेंट द्वारा लोगो को home loan लेने पर tax में बेनिफिट दिया जाता है, ताकि भारत में अधिक से अधिक लोग अपना घर खरीदने के लिए प्रेरित हो सके । Home loan की Installment का भुगतान करना एक आम आदमी के लिए परेशानी का कारण हो सकता है, लेकिन home loan पर टैक्स में बेनिफिट देने से इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 


home loan tax benefit in hindi

होम लोन की installment को हम 2 तरह के पेमेंट के रूप में देखते है – “(1 ) प्रिंसिपल का पेमेंट और (2) इंटरेस्ट का पेमेंट” । इनकम टैक्स में home loan के प्रिंसिपल और इंटरेस्ट दोनों की छूट दी जाती है, लेकिन अलग -अलग सेक्शन में।

आज के आर्टिकल home loan tax benefit in hindi में हम होम लोन से होने वाले विभिन्न टैक्स बेनिफिट्स के बारे में जानेंगे, ताकि हम अपने Tax burden को कम कर सके।

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होम लोन के प्रिंसिपल के भुगतान की छूट ( Deduction on Principal repayment)

होम लोन के Principal राशि के भुगतान की हमें सेक्शन 80C में छूट मिलती है। Principal राशि की अधिकतम 1.5 लाख तक की छूट ली जा सकती है, लेकिन 80C की कुल deduction 1.5 लाख सेअधिक नहीं हो सकती।

होम लोन के प्रिंसिपल की छूट house property का construction पूरा होने के बाद ही ली जा सकती है। Principal राशि की छूट नकद आधार पर ली जाती है यानि कि एक वर्ष में जितनी प्रिंसिपल राशि का भुगतान किया गया है उतनी राशि की ही छूट दी जाती है।

अगर प्रिंसिपल राशि due हो गयी लेकिन उसका पेमेंट नहीं किया गया है ,तो उसकी छूट सेक्शन 80C में नहीं दी जाएगी।

House property के सम्बन्ध में Stamp duty, रजिस्ट्रेशन charges और अन्य खर्चो की भी सेक्शन 80C में छूट दी जाती है। इन खर्चो की छूट उस वर्ष में दी जाती है, जिसमे ये खर्चे हुए थे।

House प्रॉपर्टी जिसके सम्बन्ध में सेक्शन 80C में छूट ली गयी थी , अगर उस house property को  5 वर्ष के भीतर बेचा जाता है तो प्रिंसिपल राशि की जितनी छूट सेक्शन 80C में ली गयी थी वह छूट आपकी इनकम मानी जाएगी ” ।  यह इनकम उस वर्ष में मानी जाएगी जिसमे House property को बेचा गया था।

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होम लोन के इंटरेस्ट की डिडक्शन ( deduction for interest on home loan)

होम लोन के इंटरेस्ट के part की छूट सेक्शन 24 में दी जाती है। सेक्शन 24 house प्रॉपर्टी की इनकम से की जाने वाली डिडक्शन से सम्बन्धित है।

जिस house property के लिए home loan लिया गया है, उस प्रॉपर्टी को चाहे आपके द्वारा Rent पर चलाया जाये या अपने निवास स्थान के रूप में उपयोग किया जाये, सेक्शन 24 में इसके इंटरेस्ट की छूट मिलेगी।

यदि हाउस प्रॉपर्टी अपने निवास स्थान के रूप में उपयोग की जाती है तो अधिकतम 2 लाख तक के इंटरेस्ट की छूट प्राप्त होगी।

और अगर हाउस प्रॉपर्टी किराये पर चलायी जाती है तो अधिकतम कितनी भी छूट ली जा सकती है लेकिन हाउस प्रॉपर्टी की इनकम से होम लोन इंटरेस्ट घटाने के बाद कुल Loss 2 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।


इंटरेस्ट की छूट accrual basis पर दी जाती है न कि payment basis पर। इसका मतलब यह हुआ कि 1 वर्ष में जितना इंटरेस्ट due हो गया उसकी डिडक्शन दी जायेगी, भले ही पेमेंट कम या ज्यादा किया गया हो।

सेक्शन 24 में अधिकतम 2 लाख के इंटरेस्ट की छूट लेने के लिए यह आवश्यक है कि हाउस प्रॉपर्टी के लिए लोन जिस फाइनेंसियल ईयर में लिया गया है उस फाइनेंसियल ईयर के समाप्त होने के 5 वर्षो के भीतर house property खरीद ली जानी चाहिये या उसका construction कम्पलीट हो जाना चाहिये।

अगर ऐसा नहीं होता है तो आपको 2 लाख की छूट की जगह अधिकतम Rs. 30000 की छूट ही मिलेगी।

इसके अलावा यदि हाउसिंग लोन reconstruction, renewal या repair के लिए लिया गया है, तो भी Rs. 30000 की ही अधिकतम छूट प्राप्त होगी।

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क्या हाउस प्रॉपर्टी के कंस्ट्रक्शन पूरा होने से पहले के इंटरेस्ट (Pre -construction period interest )की छूट प्राप्त होगी ?

यदि आपके द्वारा House property को खरीदने या Construction के लिए लोन लिया गया था और उस पर इंटरेस्ट payable है, जो कि house property को खरीदने या construction करने के पहले के वर्षो से सम्बन्धित है तो इस इंटरेस्ट की आपको छूट प्राप्त होगी।

यह छूट 5 बराबर installment में दी जायेगी। जो कि उस फाइनेंसियल ईयर से शुरू होगी, जब हाउस प्रॉपर्टी purchase की गयी थी या जब construction पूरा हुआ था।

लेकिन लोन अगर repair, renewal या reconstruction के लिए लिया गया है, तो Pre-construction period के इंटरेस्ट की छूट नहीं दी जायेगी।

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एक से अधिक व्यक्ति के  नाम से होम लोन होने पर दी जाने वाली डिडक्शन ( Deduction for joint home loan )

यदि एक से अधिक लोगों के नाम से होम लोन लिया गया है तो उन सभी व्यक्तियों को होम लोन के Principal और इंटरेस्ट की छूट दी जायेगी।




यह छूट सभी को उनके प्रॉपर्टी में हिस्से के अनुपात में दी जाएगी। सभी CO-Applicant को अलग -अलग अधिकतम 1.5 लाख ( Principal repayment -section 80C ) और 2 लाख (interest payment – section 24 ) की छूट प्राप्त होगी।

पहली बार घर खरीदने वालो के लिए होम लोन के इंटरेस्ट की छूट

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80EE में पहली बार घर खरीदने वालो के लिए अधिकतम Rs. 50000 की Additional छूट की व्यवस्था की गयी है। यह  छूट 80C और सेक्शन 24 की छूट के अलावा दी जाएगी।

इस सेक्शन में छूट पाने के लिए आवश्यक शर्ते –

  • लोन बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 को sanction किया गया होना चाहिये ।
  • लोन की राशि 35 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिये।
  • घर की वैल्यू 50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिये।
  • इंडिविजुअल के पास लोन sanction की date को अन्य कोई घर नहीं हो।
  • डिडक्शन असेसमेंट ईयर 2017-18 और आगे के वर्षो में दी जायेगी।

अगर आपको होम लोन के टैक्स बेनिफिट के बारे में हमारी जानकारी अच्छी लगी हो तो इस आर्टिकल को आगे शेयर जरूर करे।

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