House Rent Allowances Exemption

House Rent Allowance जिसको HRA भी कहते है, एम्लोयर द्वारा अपने एम्प्लाइज को किराये के खर्चे को पूरा करने के लिए दिया जाता है। एम्प्लाइज को प्राप्त हाउस रेंट अलाउंस के कुछ भाग की या पूरे भाग की टैक्स में छूट प्राप्त होती है।

लेकिन House Rent Allowances Exemption  आपकी सैलरी के 50 % से अधिक नहीं ली जा सकती। HRA की छूट के लिए सबसे जरुरी है कि आपके द्वारा किराये के मकान में रहा जाये और किराया दिया जाये।

यदि आप किराये के मकान में नहीं रहते बल्कि खुद के घर में रहते हो तो आपको प्राप्त House Rent Allowance की पूरी राशि टैक्सेबल होगी।

अगर आप अपने पैरेंट्स के घर में रहते है तो आपके द्वारा HRA की छूट ली जा सकती है लेकिन इसके लिये आपके द्वारा उन्हें किराया दिया जाना जरुरी है और आपके पैरेंट्स द्वारा किराये की इनकम को उस वर्ष की इनकम टैक्स रिटर्न में Income From House Property से दिखाना जरुरी है। यदि आपके पैरेंट्स की इनकम बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट से कम है तो आप इस तरीके से टैक्स बचा सकते है।

HRA की छूट सिर्फ Salaried एम्प्लाइज द्वारा ली जा सकती है। ऐसे व्यक्ति जो सेल्फ एम्प्लॉयड है उनके द्वारा HRA की छूट नहीं ली जा सकती है।

House Rent Allowance Exemption कुछ Factors पर निर्भर करती है –

House Rent Allowances Exemption कुछ फैक्टर्स पर डिपेंड करती है जैसे कि – सैलरी, प्राप्त HRA, किराये का भुगतान, और आपके निवास का स्थान ।

निवास के स्थान के आधार पर ही आपकी अधिकतम छूट का निर्धारण होता है जैसे कि आप यदि मेट्रो सिटीज ( दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई ) में रहते हो तो आपको HRA की छूट आपकी सैलरी के अधिकतम 50 % तक मिल सकती है और यदि आप इन सिटीज के अलावा कहीं रहते हो तो अधिकतम 40 % तक की छूट मिल सकती है।

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Calculation of House Rent Allowances Exemption

HRA की एक्सेम्पशन निम्न में से सबसे कम राशि की मिलेगी –

  1. प्राप्त HRA
  2. वास्तविक चुकाया गया किराया – 10 % ऑफ़ सैलरी ( Basic सैलरी + DA- If it forms a part of  Retirement Benefit)
  3. 50/40 % ऑफ़ सैलरी

इसको समझने के लिए एक उदाहरण देखते है –

मान लो आप दिल्ली में जॉब करते है और आपकी बेसिक सैलरी 30000 प्रति महीना है और आपको 10000 का DA प्राप्त होता है। इनके अलावा आपको प्रति महीना 8000 का HRA प्राप्त होता है। आपके द्वारा दिल्ली में 10000 प्रति महीना का किराया दिया जाता है। तो इस केस में HRA की छूट निम्न प्रकार से कैलकुलेट की जाएगी –

  1. HRA Received (8000*12)                         = Rs. 96,000
  2. (10000*12) – (30000+10000)*12 *10%     = Rs. 72,000
  3. (30000+10000) * 12 * 50 %                      =Rs.  2,40,000

इन सभी में सबसे कम राशि Rs. 72,000 है इसलिये Rs. 72,000 की छूट मिल जाएगी और बाकी का HRA  Rs. 24,000 (96,000 – 72,000 ) टैक्सेबल होगा।

Other Important Things

  1. आपके द्वारा HRA और होम लोन इंटेरेस्ट की छूट एक साथ ली जा सकती है।
  2. अगर आपके द्वारा दिया गया वार्षिक किराया एक लाख से अधिक है तो आपको मकान मालिक का पैन नंबर प्राप्त करना जरुरी है।
  3. यदि मकान मालिक के पास पैन नंबर नहीं है तो मकान मालिक द्वारा डिक्लेरेशन प्राप्त किया जा सकता है।
  4. यदि इंडिविजुअल या HUF जिनकी टैक्स ऑडिट होनी है के द्वारा किराये का भुगतान किया जाता है तो उनके द्वारा 10 % की रेट से टीडीएस काटा जायेगा।
  5. अगर आप का मकान मालिक NRI  (Non Resident Indian) है तो आपके द्वारा 30 %  की रेट से टीडीएस काटा जायेगा।
  6. 1 जून 2017 से सेक्शन 194 IB जोड़ा गया है जिसमे ऐसे व्यक्ति या HUF जिनकी टैक्स ऑडिट नहीं होनी है के द्वारा प्रति महीना RS. 50,000 या उससे अधिक किराये का भुगतान किया जाता है तो उन्हें 5 % की रेट से टीडीएस काटना पड़ेगा।

Section 80 GG

सेक्शन 80 GG में भी किराये के लिए दिये गए भुगतान पर छूट ली जा सकती है लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि आपके द्वारा वर्ष में किसी भी समय हाउस रेंट अलाउंस प्राप्त या Rent Free Accommodation नहीं दिया गया हो ।

इस सेक्शन में Salaried और सेल्फ एम्प्लॉयड दोनों के द्वारा छूट ली जा सकती है। Salaried एम्प्लाइज के द्वारा यदि HRA प्राप्त नहीं किया जा रहा तो उनके द्वारा खुद के निवास स्थान के लिए चुकाए गए किराये की सेक्शन 80 GG में छूट ली जा सकती है।

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Condition

इस सेक्शन में छूट लेने के लिए कुछ शर्तो का पूरा किया जाना जरुरी होता है जैसे कि –

  1. यदि आप Salaried या सेल्फ एम्प्लॉयड है तो आपके द्वारा या आपके जीवनसाथी या आपके माइनर चाइल्ड या HUF जिसके आप मेंबर है के पास जहाँ आप वर्तमान में रह रहे हो या एम्प्लोयी हो या बिज़नेस और प्रोफेशन कर रहे है, कोई भी रेजिडेंशियल Accommodation नहीं होना चाहिये।
  2. यदि आपके पास इसके अलावा कही और कोई हाउस प्रॉपर्टी है तो आपके द्वारा उस प्रॉपर्टी पर Self Occupied के रूप में टैक्स बेनिफिट नहीं लिया जा सकता है। ऐसी प्रॉपर्टी किराये के रूप में दी गयी मानी जाएगी।
  3. आपके द्वारा वर्ष में किसी भी समय HRA प्राप्त नहीं किया गया हो।

Deduction Available

  1. Rs. 5,000 प्रति महीना
  2. 25 % ऑफ़ टोटल इनकम (80 GG की डिडक्शन क्लेम करने से पहले  )
  3. Rent Paid – 10 % ऑफ़ टोटल इनकम (80 GG की डिडक्शन क्लेम करने से पहले  )

इनमे से सबसे कम राशि की छूट दी जायेगी।

तो यदि आपको HRA नहीं मिल रहा है तो आपके पास सेक्शन 80 GG उपलब्ध है जिसमे आप निवास स्थान के लिए चुकाए गए किराये की छूट प्राप्त कर सकते है। अधिकतर लोग इस सेक्शन में छूट प्राप्त नहीं करते क्योकि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं होती है।

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