आज के समय में सभी लोग कम से कम टैक्स और अधिक से अधिक इनकम कमाना चाहते है। इसीलिए आज कोई भी पर्सन अपने टैक्स को कम करने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते। आज के इस आर्टिकल में हम भी आपके लिए कुछ ऐसे इनकम टैक्स टैक्स डिडक्शन लेकर आये है जिनके बारे में जानकर आप निश्चित ही अपना टैक्स बचा सकते है।



80 सी एक ऐसा सेक्शन है, जिसका use अधिक से अधिक करदाता अपना टैक्स बचाने में करते है। लेकिन आज हम 80 सी के अलावा कुछ ऐसे sections के बारे में बात करेंगे जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते है और अपनी टैक्स लायबिलिटी को कम करने में उनका use भी नहीं कर पाते है।

यह भी जाने क्या आप 80C की इन डिडक्शन के बारे में जानते है ? अगर नहीं तो इनमे आज ही इन्वेस्ट करके अपने टैक्स को कम करे।

80 सी के अलावा इनकम टैक्स छूट – income tax deduction other than 80 c in hindi

सेक्शन 80 E

एक Individual (व्यक्ति ) द्वारा Higher एजुकेशन पर लिए गए लोन के ब्याज की सेक्शन 80 E में में छूट दी जाती है। इस सेक्शन में सिर्फ इंडिविजुअल को ही डिडक्शन प्राप्त होती है।

यहाँ Higher एजुकेशन से मतलब सीनियर सेकेंडरी एग्जामिनेशन को पास करने के बाद आगे की पढाई करने से है। यदि आगे की पढाई भारत के बाहर भी की गयी है तो भी इस सेक्शन में डिडक्शन ली जा सकती है।

एक व्यक्ति Higher एजुकेशन के लिए लोन अपने स्वयं या जीवनसाथी या अपने बच्चो के लिए ले सकता है। लेकिन इस सेक्शन में डिडक्शन लेने के लिए यह अनिवार्य है कि Loan सिर्फ बैंक, या Notified फाइनेंसियल इंस्टीटूशन या एप्रूव्ड चैरिटेबल इंस्टीटूशन से लिया गया हो।

इस सेक्शन में अधिकतम छूट लेने की कोई सीमा नहीं है। यानि एक फाइनेंसियल ईयर में Higher एजुकेशन पर लिए गए लोन पर चुकाए गए पूरे ब्याज की छूट प्राप्त होगी।

Higher एजुकेशन पर लिए गए लोन पर चुकाए गए ब्याज की अधिकतम 8 वर्ष या जब तक पूरे ब्याज का भुगतान नहीं कर दिया जाता, जो भी पहले हो डिडक्शन ली जा सकती है। जैसे – अगर आपने असेसमेंट ईयर 2018-19 में डिडक्शन ली है, तो आगे 7 वर्षो तक चुकाए जाने वाले ब्याज की छूट ले सकते है।

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  सेक्शन 80 G

सेक्शन 80 G में कुछ निर्धारित फण्ड या चैरिटेबल इंस्टीटूशन को दिये गए डोनेशन की छूट दी जाती है। यानि की अगर आपने निर्धारित फण्ड या चैरिटेबल इंस्टीटूशन को कुछ राशि दान में दी है, तो इस राशि की आप सेक्शन 80 G में छूट क्लेम कर सकते है और अपना टैक्स बचा सकते है।

80 G में कोई भी टैक्सपेयर छूट ले सकता है, जैसे – इंडिविजुअल, फर्म या कंपनी या कोई भी अन्य पर्सन चाहे वह रेजिडेंट हो या Non रेजिडेंट।  इस सेक्शन में डिडक्शन क्लेम करने के लिए आपको अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में Donee का नाम, पता, पैन कार्ड नंबर  और जितनी राशि दान में दी है , की जानकारी देनी पड़ती है।

इस सेक्शन में छूट लेने के लिए आवश्यक यह है कि Cash में दिया गया डोनेशन Rs. 2000 से ज्यादा नहीं होना चाहिये। यदि Rs. 2000 से ज्यादा का Donation Cash में दिया गया है, तो इसकी आपको छूट प्राप्त नहीं होगी।  इसलिए अगर आप Rs. 2000 से ज्यादा का दान दे रहे है तो वह Cash के अलावा अन्य किसी mode में होना चाहिये।

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   सेक्शन 80 GG

यदि आप एक बिज़नेस पर्सन है या ऐसे Salaried employee है जिनको HRA प्राप्त नहीं होता है, और अपने रहने के लिए किसी furnished या unfurnished घर के लिए किराये का भुगतान करते है, तो आप दिये गए किराये कि राशि की इस सेक्शन में छूट प्राप्त कर सकते है।

इस सेक्शन में आपको छूट प्राप्त नहीं होगी, यदि

  1. आपके पास या आपके जीवनसाथी या माइनर चाइल्ड या HUF जिसके आप मेंबर है के पास उस जगह पर रेजिडेंशियल accomodation है जहाँ आप काम करते है या बिज़नेस & प्रोफेशन करते है।
  2. यदि आपके पास या आपके जीवनसाथी या माइनर चाइल्ड या HUF जिसके आप मेंबर है के पास उस रेजिडेंशियल accomodation उस जगह पर  न होकर किसी अन्य लोकेशन और आप उस घर की हाउस प्रॉपर्टी से इनकम दिखाते हुए concession क्लेम ( होम लोन इंटरेस्ट ) करते है, तो आपको सेक्शन 80 GG में छूट नहीं मिलेगी।

Amount of Deduction – निम् में सबसे कम अमाउंट की इस सेक्शन में डिडक्शन प्राप्त होगी –

  1. Rs. 5000 Per month
  2. 25% of total income
  3. वास्तव में चुकाया गया किराया – 10 % of total income

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                                                                   सेक्शन 80 QQB

अगर आप एक लेखक है और आपको कोई रॉयल्टी से इनकम हो रही है, तो आप इस सेक्शन में डिडक्शन क्लेम कर सकते है। इस सेक्शन में आप 3 लाख या रॉयल्टी इनकम जो भी कम है की डिडक्शन प्राप्त कर सकते है।

डिडक्शन प्राप्त करने के लिए आवश्यक शर्ते :

  1. इस सेक्शन में सिर्फ Individual जो कि रेजिडेंट है, को ही छूट दी जायेगी।
  2. इंडिविजुअल किसी Book का लेखक (Author ) या सयुंक्त लेखक ( Joint author ) होना चाहिये।
  3. जिस book का वह author या joint author है वह Literary, artistic, या scientific nature की ही होनी चाहिये।
  4. Book  में brochures, commentaries, guides, journals, magazines, newspapers, pamphlets, text book for schools, tracts & अन्य समान नेचर की पब्लिकेशन  को शामिल नहीं किया गया है।
  5. इंडिविजुअल की Gross total income में रॉयल्टी की इनकम शामिल होनी चाहिए।
  6. यदि रॉयल्टी भारत के बाहर प्राप्त की जा रही है तो डिडक्शन प्राप्त करने के लिए जरुरी है कि रॉयल्टी की राशि फाइनेंसियल ईयर समाप्त होने के 6 महीने के भीतर या RBI या निर्धारित authority के द्वारा निश्चित की गयी समय सीमा के भीतर भारत लायी जाये।

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     सेक्शन 80 TTA

अधिकतर लोग सेविंग अकाउंट में कमाए गए ब्याज की राशि को इनकम टैक्स रिटर्न में रिपोर्ट नहीं करते, जो कि गलत है। सेविंग अकाउंट में कमाया गया ब्याज अन्य स्रोत्तों से आय में करयोग्य होता है।

लेकिन सेक्शन 80 TTA में सेविंग बैंक अकाउंट के ब्याज की डिडक्शन ली जा सकती है। इस सेक्शन में Rs. 10000 या ब्याज जो भी कम है की छूट ली जा सकती है।

यह सेविंग अकाउंट किसी बैंक, co- ऑपरेटिव सोसाइटी जो कि बैंकिंग के बिज़नेस में लगी हो या पोस्ट ऑफिस में हो सकता है।

अगर आपको income tax deduction other than 80 c in hindi  लगा हो तो इसे आगे शेयर जरूर करे।

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