Income Tax kya Hai

Income Tax  kya hai और  Income Tax Ki Limit Kya Hai ऐसे कई सवाल आपके मन में होंगे और आप इनकम टैक्स के बारे में जानना भी चाहते होंगे क्योकि वर्तमान में सभी चीज़े इनकम टैक्स के दायरे में आ चुकी है और यदि आपको पता नहीं होगा की Income Tax  kya Hai और ये कब लगता है तो समय पर आप इनकम टैक्स का भुगतान नहीं कर पाएंगे और आप पर कुछ इंटरेस्ट और पेनल्टी भी लग सकती है।

इस आर्टिकल में हम आपको Income Tax Ki Jankari देंगे जिसके बाद आप इनकम टैक्स से बिलकुल फ्रेंडली हो जाओगे। सबसे पहले हम टैक्स के टाइप्स के बारे में जानेंगे कि टैक्स कितने टाइप्स के होते है।

Types of Tax

टैक्स दो प्रकार के होते है। (1) Direct Tax – Direct Tax में इनकम टैक्स को शामिल किया जाता है क्योकि इनकम टैक्स का भुगतान आपके द्वारा डायरेक्ट सरकार को किया जाता है। (2) Indirect Tax – Indirect Tax में Sales Tax, Service Tax, Vat, Excise Duty, Custom Duty etc. को शामिल किया जाता है क्योकि इसमें आप टैक्स का भुगतान डायरेक्ट सरकार को नहीं करते है बल्कि इसमें आप टैक्स का भुगतान जो बिल जारी करता है उसको करते है और उसी के द्वारा टैक्स सरकार को भुगतान किया जाता है।

1 जुलाई 2017 से कुछ Indirect taxes को हटाकर जीएसटी लाया गया था।

यह भी जानिये GST क्या है और इससे जुड़े सवालो के जवाब


Income Tax Kya Hota Hai

Income Tax kya Hai इसका साधारण सा मतलब है कि इनकम पर टैक्स यानि जो भी आप इनकम कमायेंगे उस इनकम पर आपको स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स देना होगा। आपकी इनकम पर टैक्स की रेट डिसाइड करने के लिए सबसे पहले आपका स्टेटस चेक किया जाता है जैसे कि आप एक व्यक्ति ,फर्म या कंपनी है क्योकि इन सभी पर टैक्स की रेट अलग – अलग है ।

इनकम टैक्स की स्लैब रेट व्यक्ति (Individual )और HUF के लिए लागू होती है जबकि कंपनी और फर्म के लिए फिक्स्ड रेट से टैक्स लगाया जाता है। इस आर्टिकल में हम सिर्फ व्यक्ति और HUF के टैक्सेशन के बारे में चर्चा करेंगे।

Basic Concept of Income Tax

Income Tax kya Hai इसको अधिक अच्छे तरीके से समझने के लिए हमें कुछ शब्दों का मतलब पता होना चाहिये। जैसे कि –

  1. Assessee – Assessee का मतलब होता है करदाता जो कि टैक्स या किसी दूसरी राशि का इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार भुगतान करता है।
  2. Financial Year (F.Y.) – Financial Year वह वर्ष होता है जिस में इनकम होती है। यह 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। For Example – मान लो आपने कोई इनकम जुलाई 2017 में कमाई हो तो आपके लिए Financial Year 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 (F.Y. 2017 -18) होगा।
  3. Assessment year (A.Y.) – आपके द्वारा Financial Year में कमाई गयी इनकम पर Assessment Year में टैक्स दिया जाता है। A.Y. वह वर्ष होता है जो की फाइनेंसियल ईयर के समाप्त होने के बाद शुरू होता है। फाइनेंसियल ईयर 2017 -18 के लिए असेसमेंट ईयर 2018 -19 (1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक ) होगा।

Source of Income

Income Tax Kab Lagta Hai इसका सिंपल सा जवाब है कि जब आपकी नेट टोटल इनकम बेसिक Exemption लिमिट से ज्यादा हो जाती है। एक व्यक्ति फाइनेंसियल ईयर में अलग-अलग तरीके( Source) से पैसे कमाता है जिसको इनकम टैक्स के अनुसार अलग – अलग हेड (Head) में बाँट दिया जाता है। और उन हेड के अनुसार ही आपका Income Tax Return (Itr) का फॉर्म डिसाइड होता है जो कि आप असेसमेंट ईयर में जमा करवाते हो। गलत Itr फॉर्म का चुनाव करने से आपकी Return Invalid हो सकती है इसलिए आपको अपनी इनकम सही तरह से सही हेड में दिखानी चाहिये । Income Tax Return की अधिक जानकारी के लिए आप Regular Return , Loss Return ,Belated Return U/S 139 of The Income Tax Act 1961 पढ़ सकते है ।

यह भी पढ़े इनकम टैक्स रिटर्न क्या है और इनकम टैक्स रिटर्न के सभी फॉर्म्स की डिटेल ( NEW FORMS)

इनकम के डिफरेंट हेड होते है जैसे कि

  1. Income From Salary – इसमें Salary, Allowances, Perquisites, Pension, Gratuity आदि की इनकम को शामिल किया जाता है।
  2. Income From House Property – इसमें हाउस प्रॉपर्टी को किराये पर देने से होने वाली इनकम को शामिल किया जाता है।
  3. Profit And Gain of Business And Profession – यदि आप कोई बिज़नेस करते है या कोई प्रोफ़ेशनल व्यक्ति है तो आपकी इनकम इस हेड में आयेगी।
  4. Capital Gain – किसी कैपिटल एसेट्स को ट्रांसफर करने से होने वाली इनकम इस हेड में आयेगी।
  5. Income From Other Source – जो इनकम किसी भी हेड में नहीं आती है वो इस हेड में आयेगी जैसे कि – Interest, Dividend, F.D. Interest Etc.

कैपिटल गेन टैक्स के बारे में आप पढ़ सकते है  – Capital Gains Tax India

Income Tax की Slab Rates ( income tax slab 2018-19 in hindi)

Tax Slab of Men & Women ( जो कि 60 वर्ष से कम हो )

Income tax slab Income tax rate
2,50,000 की Income तक Nil
2,50,001 से 5,00,000 तक 2,50,000 से अधिक Income पर 5 %
5,00,001 से 10,00.000 तक 5,00,000 से अधिक Income पर 20 %
10,00,000 से अधिक 10,00,000 से अधिक Income पर 30 %

 

Tax Slab of Senior Citizens ( 60 वर्ष से अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम )

Income tax slab Income tax rate
 3,00,000 की Income  तक Nil
3,00,001 से 5,00,000 तक 3,00,000 से अधिक Income पर 5 %
5,00,001 से 10,00,000 तक 5,00,000 से अधिक Income पर 20 %
10,00,000 से अधिक 10,00,000 से अधिक Income पर 30 %

Tax Slab of Senior Citizens ( 80 वर्ष से अधिक )

Income tax slab Income tax rate
5,00,000 की Income तक Nil
5,00,001 से 10,00,000 तक 5,00,000 से अधिक Income पर 20 %
10,00,000 से अधिक 10,00,000 से अधिक Income पर 30 %

Plus:

  • सरचार्ज (Surcharge ) :-
  • 10% of Income Tax – यदि इनकम 50 लाख से अधिक है, लेकिन 1 करोड से कम है।
  • 15 % of Income Tax – यदि इनकम 1 करोड से अधिक है।
  • Education Cess :-         3 % on Income Tax + Surcharge (यदि कोई है )

 

Note – ये Slab Rate असेसमेंट ईयर 2018-19 से लागू होंगी असेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए 5 % रेट की जगह 10 % रेट लागू होगी ।

अगर आपकी इनकम एक फाइनेंसियल ईयर में बिना डिडक्शन क्लेम करे इस लिमिट से ज्यादा है तो आपको Return फाइल करना जरुरी है।  इसके लिए आप आर्टिकल इनकम टैक्स की लिमिट क्या है पढ़ सकते है।


Clubbing of Income

Clubbing of Income का मतलब है किसी दूसरे पर्सन की इनकम जो आपकी इनकम में जोड़ी जाएगी और जिस पर आपके द्वारा टैक्स दिया जायेगा। Clubbing of Income के बारे में अधिक जानने के लिए आप आर्टिकल Clubbing of Income पढ़ सकते है।

Deduction

जब आपकी ग्रोस (Gross ) कुल इनकम कैलकुलेट कर ली जाती है तो इसके बाद आपको मिलने वाली डिडक्शन की छूट दी जाती है और डिडक्शन को घटाने के बाद जो नेट इनकम आती है उस पर स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है। 80 C की डिडक्शन के बारे में अधिक जानने के लिए आप आर्टिकल 80C Deduction पढ़ सकते है। और यदि आपकी इनकम पर कुछ टीडीएस काट लिया गया है तो वो इनकम टैक्सेबल इनकम से कम कर दी जायेगी और बैलेंस इनकम पर टैक्स लगाया जायेगा। यदि आपकी इनकम बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट से कम है और आपकी इनकम पर टीडीएस काट लिया गया है तो आप Itr फाइल करके रिफंड क्लेम कर सकते है।

इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद हम उम्मीद करते है की Income Tax kya Hai Aur Income Tax Ki Limit kya Hai इसके बारे में आपकी जानकारी पहले से ज्यादा अच्छी हो गयी होगी। अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगता है तो आप इसे शेयर कर सकते है।

यह भी पढ़े पैन कार्ड की जानकारी – पैन कार्ड क्यों जरुरी है और क्या पैन कार्ड के नहीं होने पर आप पर पेनल्टी भी लगायी जा सकती है ?

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