Income tax Return rules in Hindi – Regular Return , Loss Return, Belated Return

Income tax Return rules in hindi – Regular Return , Loss Return, Belated Return- Regular Return क्या होती है ?, क्या देय तारीख के बाद फाइल की हुई रिटर्न या loss Return भी Regular Return होती है ?, Regular Return कौन फाइल कर सकता है ?, Loss Return फाइल करने की आखिरी तारीख क्या होती है ?, क्या Loss Return Revise की जा सकती है ?, Belated Return क्या होती है और इसकी आखिरी तारीख क्या होती है ?, क्या Belated Return Revise की जा सकती है ?, आदि । ऐसे कई सवाल आपके पास होंगे और आप उनका जवाब भी जानना चाहते होंगे ।


सबसे पहले हम जानेंगे की Regular Return क्या होती है ।

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Regular Return

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 139 (1 ) की टाइम लिमिट के भीतर फाइल की हुई रिटर्न Regular Return होती है । आपकी रिटर्न Mandatory हो सकती है या ऐछिक भी , अगर अापने देय तारीख या उससे पहले रिटर्न फाइल की है ,तो आपकी रिटर्न Regular Return मानी जायेगी ।

उदाहरण के लिये – आप एक व्यक्ति (Individual ) है और आपने 139 (1 ) की टाइम लिमिट ( सम्बन्धित Assessment Year की 31 जुलाई ) के भीतर अपनी रिटर्न फाइल कर दी तो आपकी रिटर्न Regular Return मानी जायेगी (चाहे आपकी इनकम Basic Exemption Limit से ज्यादा है या कम है) ।

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Loss Return U/S 139 (3) of The Income Tax Act 1961

Loss Return ऐसी रिटर्न होती है जिसमे करदाता के पास बिज़नेस या कैपिटल गेन से सम्बन्धित loss होते है और ऐसी रिटर्न 139 (1 ) की टाइम लिमिट समाप्त होने से पहले फाइल की जाती है । loss Return को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 (3 ) में बताया गया है ।

उदाहरण के लिये – ABC एंड कंपनी एक पार्टनरशिप फर्म है और उसके Assessment Year 2018 -19 में 3,00,000 के बिज़नेस losses है। ABC एंड कंपनी को अपने बिज़नेस की हानियाँ क्लेम करने के लिए अपनी रिटर्न 139 (1 ) की समय सीमा (30 सितम्बर ) तक फाइल करनी पड़ेगी । अगर फर्म अपनी रिटर्न 30 सितम्बर तक फाइल करती है , तो ये loss Return मानी जायेगी ।

Last Date for Filing A loss Return

आपके पास हानियाँ है , तो हानियाँ को carry Forward करने के लिए देय तारीख से पहले ITR फाइल करनी होगी । अगर आप देय तारीख से पहले रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हो ,तो आप हानियों को Carry Forward नहीं कर पाएंगे । यानि कि अगर आपको आगे के वर्षो में कोई Profit होता है, तो आप इस Profit से अपने पहले के वर्षो के Losses को सेट ऑफ नहीं कर पायेंगे। 

आपके बिज़नेस या कैपिटल गेन से सम्बन्धित हानियों को Carry Forward करने के लिए समय से रिटर्न फाइल करना जरुरी है , लेकिन अगर आपके पास हाउस प्रॉपर्टी से सम्बन्धित हानियाँ है तो देय तारीख के बाद फाइल की रिटर्न से भी हाउस प्रॉपर्टी से सम्बन्धित हानियों को Carry Forward किया जा सकता है  ।

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Is Loss Can Be Set off From Current Year Income , If Return Not Filed In Time ?

सबसे महत्वपुर्ण , रिटर्न को समय पर फाइल नहीं करने से आप हानियों को Carry forward नहीं कर पायेंगे , लेकिन हानियों को उसी साल की इनकम से सेट ऑफ करने के आपके अधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ।

उदाहरण के लिये – आपको Assesment Year 2017 – 18 में एक प्रॉपर्टी बेचने पर 1 लाख की हानि हुई । आपने 1 लाख की हानि को क्लेम करते हुए 15 अक्टूबर को ITR फाइल की , जबकि देय तारीख 31 जुलाई 2017 थी । ऐसी स्थिति में आप 1 लाख की हानि को carry Forward नहीं कर पायेंगे , लेकिन अगर आपके पास उसी साल में किसी प्रॉपर्टी को बेचने पर प्रॉफिट हुआ है , तो आप 1 लाख की हानि को उस प्रॉफिट से सेट ऑफ कर सकते है ।

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Can a Loss Return Be Revised ?

Loss Return Revise की जा सकती है । Loss Return सम्बन्धित Assessment Year समाप्त होने के बाद 1 साल के भीतर या Assessment ( सेक्शन 143 (3 ) या 144 ) समाप्त होने से पहले , जो भी पहले हो Revise की जा सकती है ।

Revise Return क्या होती है और कब फाइल की जाती है ?


Is Belated Return And Loss Return a Regular Return ?

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 139 (1 ) की समय सीमा के समाप्त होने के बाद फाइल की हुई रिटर्न Regular Return नहीं मानी जाती है, लेकिन एक Loss Return रेगुलर Return मानी जायेगी , क्योकि Loss Return देय तारीख के भीतर फाइल की जाती है ।

Belated Return U/S 139 (4) of The Income Tax Act 1961

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 139 (1 ) की समय सीमा के समाप्त होने के बाद फाइल की हुई रिटर्न Belated Return होती है । Belated Return मान्य होती है ,लेकिन ये आपके बिज़नेस या कैपिटल गेन की हानियों को Carry Forward करने के अधिकार को प्रभावित करती है ।

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Time Limit For Filing belated Return –

Belated Return सम्बन्धित Assessment Year के समाप्त होने या Assessment ( सेक्शन 144 ) के समाप्त होने से पहले , जो भी पहले हो फाइल की जा सकती है ।

उदाहरण के लिये – आप ( Individual ) Assessment Year 2018 -19 के लिए ITR फाइल करना चाहते है , तो आप 31 जुलाई 2018 तक रिटर्न फाइल करते हो तो आपकी रिटर्न Regular Return मानी जायेगी और अगर आप 31 जुलाई 2018 के बाद रिटर्न फाइल करते है , तो आपकी रिटर्न Belated Return मानी जायेगी ।

असेसमेंट ईयर 2018 -19 की Belated Return 31 मार्च 2019 तक फाइल की जा सकती है ।

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Can a  Belated Return Be Revised ?

हाँ ! Assessment Year 2017 -18 से Belated Return Revise की जा सकती है ।

Summary – Income tax Return Rules in Hindi
Types of return Sections Time limit
Regular return 139 (1) On or before the due date
Loss return 139 (3) On or before the due date
Belated return 139 (4) After the due date

 

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