Income tax rules in hindi- आपने किसी गेम शो में पार्टिसिपेट किया और कुछ प्राइज मनी जीती, लेकिन जब आपको ये प्राइज मनी मिली, तो ये जीती गयी राशि से कुछ कम थी। आप जब गेम आयोजक के पास जाते है तो वहाँ से आपको पता चलता है कि आपकी प्राइज मनी पर tax काट लिया गया है और बैलेंस राशि का आपको पेमेंट किया गया है। 

इसके अलावा कई बार जीती गई राशि cash में न होकर किसी वस्तु ( Kind ) में होती है और आपको वह प्राइज देने से पहले एक निश्चित राशि जमा करवाने के लिए कहा जाता है। कई बार आपकी कोई और इनकम नहीं होती है और प्राइज मनी भी काफी कम होती है फिर भी टीडीएस काट लिया जाता है। ऐसे कई तरह के केस आपको देखने को मिलेंगे।



तो दोस्तों, आज के आर्टिकल में हम इसी तरह से होने वाली सभी प्रकार की इनकम पर काटे जाने वाले टीडीएस के बारे में चर्चा करेंगे।

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सेक्शन 194 B & 194 BB

जब भी आप किसी लाटरी, क्रॉसवर्ड पज़ल्स, रेस ( Horse  रेस भी शामिल ), कार्ड गेम या किसी भी अन्य तरह के गेम से कोई इनकम करते है तो उस इनकम पर टीडीएस के प्रावधान लागू हो जाते है और टीडीएस के इन प्रावधानों को सेक्शन 194 B और सेक्शन 194 BB में बताया गया है।

इस प्रकार की इनकम आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्रकार से हो इस पर टीडीएस के प्रावधान लागू होंगे। Example के लिए आपने कौन  बनेगा करोडपति में कुछ राशि जीती तो इस पर भी पहले सेक्शन 194 B में टीडीएस काटा जायेगा और बैलेंस राशि का आपको पेमेंट किया जायेगा।

लेकिन इन सेक्शन में टीडीएस काटने के लिये सबसे जरुरी शर्त ये है कि आपको दिया जाने वाला प्राइज Rs. 10,000 से अधिक हो। यदि 10 हजार से कम का पेमेंट किया जा रहा है तो इस पर टीडीएस नहीं काटा जायेगा। यदि आपको 10 हजार से अधिक का प्राइज दिया जाता है तो इस पर टीडीएस काटा जायेगा और टीडीएस काटने के टाइम आपकी अन्य इनकम पर ध्यान नहीं दिया जायेगा। यानि की आपकी अन्य इनकम जीरो भी है और 10 हजार से ज्यादा का प्राइज मिलता है तो इस पर टीडीएस काटा जायेगा।

लाटरी एजेंट्स या लाटरी बेचने वालो को लाटरी बेचने पर दिये जाने वाले कमीशन या बोनस पर इन सेक्शन में टीडीएस नहीं काटा जायेगा।

सेक्शन 194 BB में Horse रेस से होने वाली इनकम पर टीडीएस काटा जाता है। 194 BB में टीडीएस के प्रावधान तभी लागू होंगे जब जीत की राशि का भुगतान एक बुकमेकर या किसी ऐसे पर्सन द्वारा किया जा रहा हो जिसे सरकार द्वारा लाइसेंस दिया गया हो।

ये सेक्शन रेजिडेंट और Non रेजिडेंट दोनों पर लागू होते है।

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टैक्स रेट्स

सेक्शन 194 B और सेक्शन 194 BB में 30 % की रेट से टीडीएस काटा जाता है। यानि कि अगर आप 1 लाख की प्राइज मनी जीतते है तो इस पर 30 % की रेट से टीडीएस ( Rs. 30000 ) काटा जायेगा और बैलेंस राशि ( Rs. 70000 ) का आपको पेमेंट किया जायेगा।

यदि सेक्शन 194 B या 194 BB में किसी भारत के निवासी को पेमेंट किया जा रहा है तो 30 % की रेट में सरचार्ज (SC ), एजुकेशन सेस (EC ) & सेकेंडरी हायर एजुकेशन सेस (SHEC ) को शामिल नहीं किया जायेगा और यदि किसी नॉन रेजिडेंट को पेमेंट किया जा रहा है तो 30 % में SC +EC +SHEC को भी जोड़ा जायेगा।

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टैक्स कैलकुलेशन

जब भी आपको किसी लाटरी, क्रॉसवर्ड पज़ल्स, Race ( horse रेस भी शामिल ), कार्ड गेम या किसी भी अन्य तरह के गेम से कोई इनकम होती है, तो इस इनकम पर आपको स्लैब रेट का बेनिफिट नहीं मिलेगा।  इसके अलावा इस प्रकार की इनकम पर आपको सेक्शन 80 C से 80  U की डिडक्शन का बेनिफिट भी प्राप्त नहीं होगा और न ही किसी भी तरह के Allowances या खर्चो की छूट दी जाएगी।

इस प्रकार की इनकम ” Income from other source ” के अंतर्गत दिखाई जायेगी। इसको समझने के लिए एक Examples देखते है – आपने एक Lottery में Rs. 1,00,000 की राशि जीती और इस पर 30 % टीडीएस काटने के बाद आपको Rs. 70,000 की राशि का आपको भुगतान किया जाता है। इसके अलावा आपकी 2 लाख की सैलरी से इनकम भी है।  तो इस केस में आपकी tax कैलक्युलेशन नीचे दिए गए तरीके से की जायेगी –

PARTICULAR AMOUNT
INCOME FROM SALARY 2,00,000
INCOME FROM OTHER SOURCE 1,00,000
TOTAL INCOME 3,00,000
TAX ON 2,00,000 NIL
TAX ON 1,00,000 30,000
TOTAL TAX 30,000

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Other Important Points :

  1. यदि प्राइज वस्तु ( Exp. – T.V, A.C.,CAR etc.) में दिया जा रहा है तो टीडीएस वस्तु की Fair market value पर काटा जायेगा।
  2. यदि प्राइज कुछ cash और कुछ वस्तु में दिया जा रहा है और cash की राशि टीडीएस के लिए कम पड़ रही है या प्राइज सिर्फ वस्तु में दिए जा रहा है तो, प्राइज देने वाला पर्सन प्राइज देने से पहले यह सुनिश्चित करेगा कि इस पर टैक्स का भुगतान किया जा चुका है।
  3. इन सेक्शन में टीडीएस की कटौती जीत की राशि के भुगतान के समय की जाती है।
  4. किसी भी तरह का loss इन इनकम से सेट ऑफ नहीं किया जा सकता।
  5. यदि जीत की राशि का भुगतान Installment में किया जाता है तो हर Installment के भुगतान पर टीडीएस काटा जायेगा।

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