टीडीएस रिटर्न – tds return due dates in hindi

कोई भी पर्सन जो कि टीडीएस काटता है, वह टीडीएस रिटर्न जमा करवाने के लिए भी Liable होता है। इनकम टैक्स एक्ट में टीडीएस काटने, जमा करवाने और टीडीएस / टीसीएस रिटर्न फाइल के लिए अलग अलग Dates निर्धारित की गयी है।

इन निर्धारित तारीखों के हिसाब से ही टीडीएस जमा एवं टीडीएस / टीसीएस  रिटर्न फाइल की जाती है। निर्धारित डेट्स तक टीडीएस जमा या रिटर्न फाइल नहीं करने पर इनकम टैक्स एक्ट में इंटरेस्ट और पेनल्टी का प्रावधान भी किया गया है। आज के आर्टिकल tds return due dates in hindi  में हम टीडीएस की विभिन्न प्रकार की Due डेट्स के बारे में जानेंगे।



कोई भी पर्सन जो की टीडीएस काटने के लिए Liable है उसे सबसे पहले TAN नंबर प्राप्त करना होता है, उसके बाद ही वह टीडीएस काट सकता है और उस पर्सन द्वारा फाइल की जाने वाली टीडीएस रिटर्न में उस TAN नंबर का उल्लेख किया जाना होता है।

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टीडीएस को जमा करवाने की देय तिथि – due dates for tds payment

कोई भी पर्सन जो की टीडीएस काटता है, उसको टीडीएस काटने के बाद निर्धारित तिथि तक टीडीएस की राशि गवर्नमेंट के अकाउंट में जमा करवानी पड़ती है। deductor द्वारा यह राशि ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीको से जमा करवायी जा सकती है।

due dates – 

  1. यदि टीडीएस गवर्नमेंट के Behalf पर कलेक्ट किया जा रहा है तो, उसी दिन ( जिस दिन टीडीएस काटा गया है ) ।
  2. किसी अन्य केस में महीने के समाप्त होने के 7 दिनों के भीतर।
  3. मार्च में टीडीएस काटे जाने के केस में – 30 अप्रैल
  4. सेक्शन 194 IA के केस में – जिस महीने में टीडीएस काटा गया है उस महीने के समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर।

यदि टीडीएस इन डेट्स तक जमा नहीं करवाया जाता है तो deductor सेक्शन 201 (1a ) में इंटरेस्ट चुकाने के लिए Liable है, जो की 1.5 % प्रति महीने के हिसाब से होगा। एक महीने से कम समय को भी पूरा महीना माना जायेगा और इंटरेस्ट लगाया जायेगा। इंटरेस्ट टीडीएस काटने से लेकर टीडीएस को जमा करवाने की अवधि तक लगाया जायेगा।

टीडीएस को समय पर जमा नहीं करवाने पर deductor को assessee in default माना जायेगा और सेक्शन 220 में इंटरेस्ट और सेक्शन 221 में पेनल्टी लगाई जायेगी। जब deductor को assessee in default माना जाता है तो, सेक्शन 201 (1a ) में इंटरेस्ट ( 1.5 % प्रति महीना ) नहीं लगाया जायेगा।

ऐसी कुछ शर्ते भी है जिन के पूरा होने पर deductor को assessee in default नहीं माना जायेगा, जिनकी चर्चा हम किसी अन्य आर्टिकल में करेंगे।

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टीडीएस / टीसीएस फॉर्म्स

Deductor के हिसाब से अलग अलग टीडीएस रिटर्न के फॉर्म्स निर्धारित किये गए है।  टीडीएस फॉर्म्स deductor के स्टेटस के हिसाब से होते है। जो की आप लिस्ट में देख सकते है –

S. no. Particular
Form 24 Q Salaries पर टीडीएस काटने के केस में
Form 26 Q सैलरी के अलावा केसेस में
Form 27 Q नॉन रेजिडेंट के केस में
Form 27EQ  टीसीएस के केस में

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टीडीएस और टीसीएस रिटर्न को फाइल करने की देय तारीख

टीडीएस / टीसीएस रिटर्न जमा करवाने के लिए  Due डेट्स निर्धारित की गयी है, जो की है –

S. no.

Quarters

Due Dates for TDS Due Dates for TCS
1 1 अप्रैल – 30 जून 31 जुलाई 15 जुलाई
2 1 जुलाई – 30 सितम्बर 31 अक्टूबर 15 अक्टूबर
3 1 अक्टूबर – 31 दिसम्बर 31 जनवरी 15 जनवरी
4 1 जनवरी – 31 मार्च 31 मई 15 मई

 

टीडीएस / टीसीएस रिटर्न देरी से फाइल करने पर फीस

टीडीएस/ टीसीएस रिटर्न को समय पर जमा नहीं करवाने पर सेक्शन 234 E में फीस का भुगतान करना पड़ता है।  सेक्शन 234 E के अनुसार जब कोई पर्सन निर्धारित तारीख तक टीडीएस / टीसीएस रिटर्न को जमा नहीं करवाता है, तो वह पर्सन निर्धारित तारीख के बाद Rs. 200 प्रति दिन के हिसाब से तब तक फीस का भुगतान करेगा जब तक वह अपनी टीडीएस / टीसीएस रिटर्न को फाइल नहीं कर देता है।

लेकिन सेक्शन 234 E में फीस उस quarter के टीडीएस या कलेक्ट किये गए टीसीएस की राशि से अधिक नहीं हो सकती है। फीस की राशि टीडीएस / टीसीएस रिटर्न को जमा करवाने से पहले जमा करवानी पड़ेगी।

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पेनल्टी

कोई भी पर्सन जब निर्धारित तारीख तक टीडीएस या टीसीएस रिटर्न को जमा नहीं करवाता है या टीडीएस / टीसीएस रिटर्न में गलत सूचना देता है, तो उस पर्सन पर सेक्शन पर 271 H में पेनल्टी लगाई जायेगी। पेनल्टी की राशि न्यूनतम Rs. 10,000 और अघिकतम Rs. 1,00,000 तक हो सकती है।

लेकिन पेनल्टी से बचा जा सकता है यदि, उस पर्सन द्वारा quaterly रिटर्न निर्धारित तारीख के समाप्त होने के 1 वर्ष के भीतर जमा करवा दी जाती है और टीडीएस / टीसीएस, सेक्शन 234 E की फीस और सेक्शन 201 के इंटरेस्ट का पेमेंट कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए अप्रैल – जून 2017 तक के पहले quarter की रिटर्न 31 जुलाई 2018 से पहले फाइल कर दी गयी और टीडीएस / टीसीएस ,फीस व इंटरेस्ट का पेमेंट कर दिया जाता है तो, deductor पर सेक्शन 271 H में रिटर्न लेट फाइलिंग की पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी।

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