what is e way bill in hindi under gst – GST लागू होने के बाद से GST एक्ट में आये दिन अलग – अलग तरह के  बदलाव किये जा रहे है जिससे हर वर्ग के लोग चाहे वो व्यापारी हो या आम आदमी या कोई एक्सपर्ट हो सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 1 अप्रैल 2018 से भारत में ई वे बिल ( E WAY BILL ) लागू किया जा चुका है।

1 जून 2018 से INTRA STATE ( राज्य के भीतर ) भी गुड्स ट्रांसफर करने पर E -WAY बिल लागू हो जायेगा।   



आज के आर्टिकल में हम e way bill के बारे में जानेंगे और इसके अलग अलग प्रावधानों को भी समझेंगे।

यह भी जाने जीएसटी सिस्टम में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म क्या है और यह कैसे काम करता है

what is e way bill – ई वे बिल क्या है ?

E way bill एक इलेक्ट्रॉनिक way बिल है जो कि 50,000 से अधिक के गुड्स की सप्लाई करने पर e way bill पोर्टल पर generate करना पड़ेगा। यानि कि अगर कोई भी सप्लायर एक स्थान से दूसरे स्थान पर गुड्स की सप्लाई कर रहा है और गुड्स की value 50,000 से अधिक है, तो उसे गुड्स की सप्लाई करने से पहले e way bill generate करना पड़ेगा।

एक सप्लायर अगर चाहे तो 50000 से कम गुड्स की सप्लाई करने पर भी e way bill generate करने का ऑप्शन ले सकता है। जब भी e way bill generate किया जायेगा तो एक यूनिक e way bill नंबर ( EBN )  दिया जायेगा, जिसकी detail सप्लायर, प्राप्तकर्ता और ट्रांसपोर्टर को प्राप्त होगी।

e way bill को दो पार्ट्स में डिवाइड किया गया है – PART A & PART B जिनमे गुड्स प्राप्तकर्ता के जीएसटी नंबर, गुड्स की डिलीवरी का स्थान, इनवॉइस नंबर, इनवॉइस की Date, गुड्स की वैल्यू , HSN कोड, ट्रांसपोर्ट किया जाने का कारण ( सेल, ब्रांच ट्रांसफर,एक्सपोर्ट या इम्पोर्ट, सेल रिटर्न आदि ), ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट नंबर और जिस गाड़ी में गुड्स ट्रांसपोर्ट किये जा रहे है उसके नंबर क्या है के बारे में जानकारी भरी जाएगी।

यह जरुरी नहीं है कि e way bill गुड्स को बेचने के लिए ट्रांसपोर्ट किये जाने पर ही generate किये जाये।  e way bill गुड्स की सप्लाई पर generate किया जायेगा जिसमे सेल, एक्सचेंज/बार्टर, सेल्स रिटर्न, ब्रांच ट्रांसफर आदि को शामिल किया जायेगा।

यह भी जाने जीएसटी रिटर्न्स के फॉर्म्स के टाइप्स और Due डेट


E way bill कौन generate ( जारी )  कर सकता है ?

e way bill रजिस्टर्ड पर्सन, Unregistered पर्सन या ट्रांसपोर्टर किसी के भी द्वारा जारी  किया जा सकता है।

यदि एक सप्लायर गुड्स ट्रांसपोर्ट कर रहा है चाहे अपने वाहन में या किसी अन्य के वाहन में तो उसे गुड्स ट्रांसपोर्ट करने से पहले ई वे बिल generate करना पड़ेगा। अगर सप्लायर किसी अन्य के वाहन में गुड्स ट्रांसपोर्ट कर रहा है और सप्लायर के द्वारा ई वे बिल generate नहीं किया जाता है तो e way bill जारी करने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की हो जाती है।

ट्रांसपोर्टर गुड्स को एयर, रोड. या रेल किसी भी तरह से ट्रांसपोर्ट कर सकता है।  यदि ट्रांसपोर्टर द्वारा एक से अधिक consignment ले जाये जा रहे है तो उसको एक consolidate e way bill जारी करना पड़ेगा जिसमे उसके द्वारा ले जाये जा रहे सभी e way bill के नंबर भरे जायेंगे।

अगर गुड्स किसी Unregistered पर्सन के द्वारा किसी रजिस्टर्ड पर्सन को ट्रांसपोर्ट किये जा रहे है तो उस Unregistered पर्सन को भी ई वे बिल जारी करना जरुरी है। इसके अलावा रजिस्टर्ड पर्सन ( रिसीवर ) को भी उन सभी compliance के बारे में सुनिश्चित रहना होगा जो कि एक रजिस्टर्ड पर्सन के द्वारा गुड्स ट्रांसपोर्ट किये जाने पर जरुरी होते।

यह भी जाने जीएसटी कब लगता है – Concept of supply Under GST (GST bill in hindi )

e way bill कब जारी नहीं किया जायेगा ?

e way bill जारी नहीं किया जायेगा –

  1. यदि गुड्स बिना मोटर के वाहन में ट्रांसपोर्ट किये जा रहे हो।
  2. यदि Goods कस्टम द्वारा port, एयरपोर्ट, एयर कार्गो complex या land कस्टम स्टेशन से inland container depot (ICD ) या container freight station (CFS ) के clearance के लिए ट्रांसपोर्ट किये जा रहे हो।
  3. स्पेसिफ़िएड गुड्स का ट्रांसपोर्ट किया जा रहा हो।

यह भी जाने कम्पोजीशन स्कीम क्या है और किसके द्वारा यह अपनायी जा सकती है


e way bill जारी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज –

E way Bill ऑनलाइन generate करने के अलावा sms और एंड्राइड एप्प के द्वारा भी generate किया जा सकता है।  इसे generate करना बहुत ही आसान है। ई वे बिल किसी के भी द्वारा जारी किया जा रहा हो इसे generate करने के लिए आपके पास आवश्यक दस्तावेज होने आवश्यक है जिनकी लिस्ट नीचे दी गयी है –

  1. ट्रांसपोर्ट किये जा रहे गुड्स के सम्बन्ध में इनवॉइस/बिल ऑफ़ सप्लाई/चालान,
  2. जिस पर्सन के द्वारा ई वे बिल generate किया जा रहा है उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, और
  3. गुड्स, रिसीवर और ट्रांसपोर्टर की डिटेल आपके पास में E way Bill generate करने के समय होनी चाहिए।

यह भी जाने इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या है और शर्ते जिनके पूरा नहीं होने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम नहीं की जा सकती

e way bill जारी करने के कितने समय तक वैलिड रहता है ?

E way Bill की वैलिडिटी उसको generate किये जाने की Date और टाइम से कैलकुलेट की जाती है। यदि गुड्स निर्धारित की गयी समय सीमा तक ट्रांसपोर्ट नहीं किये जाते है तो वह ई वे बिल कैंसिल हो जाता है और उसके बाद एक नया E way Bill generate करना पड़ता है।

E way Bill की वैधता की समय सीमा –

  1. यदि गुड्स 100 किलोमीटर से कम दूरी पर ट्रांसपोर्ट किये जा रहे है तो E way Bill एक दिन के लिए वैलिड रहेगा।
  2. गुड्स ट्रांसपोर्ट की दूरी 100 किलोमीटर से अधिक होने पर प्रत्येक 100 किलोमीटर के लिए एक Extra दिन दिया जायेगा।

अगर आपको what is e way bill in hindi आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

यह भी जाने जानिये ग्रेच्युटी क्या है और ग्रेच्युटी की टैक्स कैलकुलेशन कैसे की जाती है

 

 

Shares
Footer Codes in Head and Footer Code