annual information return section 285BA of income tax act – भारत को कैशलेस इकॉनमी बनाने के लिए गवर्नमेंट द्वारा काफी प्रयास किये जा रहे है। और इसी वजह से लोगो द्वारा काफी transaction online किये जाने लगे है।




लेकिन क्या आप जानते है कि जो भी ट्रांजैक्शन आपके द्वारा किये जा रहे है, चाहे वह cash में हो या बैंकिंग चैनल के माध्यम से, इन सभी पर इनकम टैक्स विभाग द्वारा नजर रखी जा रही है।

आप यदि बैंक में पैसे जमा करवाए या क्रेडिट कार्ड का पेमेंट करे, इन सभी की रिपोर्ट इनकम टैक्स विभाग को दी जाती है।

लेकिन क्या सभी ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट इनकम टैक्स विभाग को की जाती है, तो इसका जवाब होगा – नहीं। यानि की जो ट्रांजैक्शन एक specified amount से ज्यादा के होते है, सिर्फ उन्ही की रिपोर्ट इनकम टैक्स विभाग को करना आवश्यक होता है।

इन ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्ट नहीं करने पर इनकम टैक्स एक्ट में पेनल्टी के प्रावधान भी बताये गए है।

यह रिपोर्टिंग एक वर्ष के दौरान हुए ट्रांजैक्शन के लिए की जाती है, इसलिए इसे Annual Information Report भी कहते है।

आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि कौन – कौन से person ऐसी रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार है, ट्रांजैक्शन की लिस्ट, limit, ऐसी रिपोर्टिंग की due dates, और कितनी पेनल्टी लगायी जा सकती है।

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Annual Information Report क्या है ? section 285BA of income tax act – 

इनकम टैक्स एक्ट में कुछ persons को specified किया गया है, जिन्हे उनके पास होने वाले transaction की रिपोर्ट इनकम टैक्स विभाग में करनी होगी। यह Annual Information Report होती है जिसे statement of financial transaction भी कहा जाता है।

इस रिपोर्ट को फाइनेंसियल ईयर समाप्त होने के बाद 31 मई तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होती है।

वह पर्सन जिन्हे रिपोर्ट करनी है और ऐसे transaction जिनकी रिपोर्ट की जाएगी- 

(A) बैंक/ co-operative बैंक द्वारा रिपोर्टिंग – transaction जिनकी रिपोर्ट की जायेगी –

  • एक फाइनेंसियल ईयर में Bank drafts/ Pay orders/ banker cheque का 10 लाख या अधिक का cash में भुगतान,
  • RBI द्वारा जारी किये गये pre paid instrument को cash में खरीदना, यदि amount एक F.Y. में 10 लाख या अधिक का हो,
  • किसी एक person के द्वारा एक या अधिक current account में एक financial year के दौरान 50 लाख या अधिक cash जमा करवाना या निकालना (including bearer cheque )।

(B ) Bank / co-operative Bank/ Post master general – transaction जिनकी रिपोर्ट की जायेगी –

  • किसी एक पर्सन के account में 10 लाख या अधिक cash जमा होने पर। इसमें current account और time deposit को शामिल नहीं किया गया।

(C ) Post master general/ को- ऑपरेटिव बैंक/ Bank/ निधि कंपनी/ NBFC द्वारा रिपोर्टिंग – 

  • यदि एक person द्वारा एक फाइनेंसियल ईयर में 10 लाख या अधिक की time deposit की जाती है।

(D) बैंक/ को- ऑपरेटिव बैंक/ कोई अन्य कंपनी या institution, जो की क्रेडिट कार्ड issue करते है – reportable transaction

  • एक फाइनेंसियल ईयर में एक पर्सन द्वारा एक या अधिक क्रेडिट कार्ड के 1 लाख या अधिक के बिल का cash में भुगतान या
  • 10 लाख या अधिक का किसी भी Mode में भुगतान।

(E) एक कंपनी या institution, जो कि बांड या डिबेंचर issue करते है – 

  • कंपनी या इंस्टीटूशन द्वारा किसी पर्सन को 10 लाख या अधिक के बांड या डिबेंचर issue करने पर।

(F) कंपनी जो कि शेयर issue करती है – 

  • company द्वारा किसी पर्सन को 10,00,000 या अधिक के शेयर issue करना ( share application money को शामिल करते हुए )

(G) Recognised stock exchange में सूचीबद्ध कंपनी द्वारा रिपोर्ट करना – 

  • किसी भी person द्वारा एक F.Y. में 10 लाख या अधिक शेयर्स का buy back करना। इसमें open market से buy back किये गए शेयर को शामिल नहीं किया जायेगा।

(H) म्यूच्यूअल फण्ड के ट्रस्टी द्वारा – 

  • म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट्स खरीदने के लिए किसी एक पर्सन से एक फाइनेंसियल ईयर में 10 लाख या अधिक राशि प्राप्त करना।

(I) FEMA के द्वारा authorised person द्वारा – 

  • Foreign currency को बेचने के लिए किसी भी पर्सन से 10 लाख या अधिक एक फाइनेंसियल ईयर में प्राप्त करना।

(J) रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के under Inspector – General/Registrar/ Sub – registrar के द्वारा रिपोर्टिंग – 

  • किसी पर्सन द्वारा एक financial year में 30 लाख या अधिक की Immovable Property को बेचना या खरीदना।

(K) सेक्शन 44AB में ऑडिट के लिए liable पर्सन द्वारा रिपोर्टिंग – 

  • किसी पर्सन से किसी भी तरह की गुड्स या सर्विसेज के लिए 2 लाख या अधिक राशि प्राप्त करना।

Annual information के लिए फॉर्म व रिपोर्ट किसे जमा करवाई जायेगी ? 

ऊपर जिन भी पर्सन को बताया गया है को form 61A में ऑनलाइन अपने डिजिटल सर्टिफिकेट के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट करनी पड़ेगी।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में यह फॉर्म  ” Director of income tax या joint Director of income tax ( Intelligence and Criminal Investigation)” को जमा करवाना होता है।

लेकिन Post master general या रजिस्ट्रार या इंस्पेक्टर जनरल द्वारा computer readable media ( CD/DVD) में फॉर्म 61A furnish किया जा सकता है। इसके साथ इन्हे FORM V में वेरिफिकेशन भी देना होगा।


क्या इनकम टैक्स विभाग द्वारा कोई अन्य information भी मांगी जा सकती है ? 

इनकम टैक्स विभाग द्वारा इन financial transaction के अलावा Section 285BA में अन्य इनफार्मेशन भी मांगी जा सकती है।  यह information फॉर्म 61B में फाइनेंसियल ईयर समाप्त होने के बाद 31 मई से पहले  जायेगी।

रिपोर्ट नहीं करने पर लगने वाली पेनल्टी – annual information return section 285BA of income tax act 

Section 285BA में रिपोर्ट नहीं करने पर 3 तरह की पेनल्टी लगायी जा सकती है –

  • इस सेक्शन में specified person को इनकम टैक्स विभाग को रिपोर्ट नहीं करने पर due date के बाद प्रति दिन Rs. 500 की पेनल्टी लगायी जायेगी।
  • Section 285BA रिपोर्ट नहीं करने पर जारी किये गए नोटिस में निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद प्रति दिन Rs. 1000 की पेनल्टी। और
  • गलत रिपोर्टिंग करने पर Section 271FAA में Rs. 50 हजार की पेनल्टी लगायी जाएगी।

 

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