audit under gst – जीएसटी में रजिस्टर पर्सन को Chartered accountant (CA) या Cost accountant (CMA)  से अपने खातों की ऑडिट करवानी पड़ती है। एक रजिस्टर्ड पर्सन को जीएसटी एक्ट के प्रोविज़न्स के आधार पर GST AUDIT करवानी पड़ती है।

आज के आर्टिकल में हम gst audit के types और ऑडिट करवाना कब जरुरी है के बारे में जानेंगे।

Meaning of audit under gst in hindi – 

GST में रजिस्टर्ड पर्सन के द्वारा Gst Act के अनुसार अपने पास maintain या जमा करवाए गए Records, Returns, और other documents की जाँच करवाई जाती है, इस प्रोसेस को रजिस्टर्ड पर्सन के खातों की Audit करना कहते है।

Registered Person के accounts की ऑडिट यह verify करने के लिए की जाती है, कि उस पर्सन द्वारा declared किया गया टर्नओवर, टैक्स का Payment, क्लेम किया गया रिफंड, और प्राप्त की गयी इनपुट टैक्स क्रेडिट एकदम सही है।

इसके अलावा Gst Audit में यह भी देखा जाता है कि Registered Person ने जीएसटी एक्ट के सभी provisions की compliance की है।

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Types of Audit under GST – जीएसटी में ऑडिट कितने टाइप्स की होती है ? 

GST audits तीन टाइप्स की होती है, जो कि अलग – अलग सेक्शन में की जाती है। ये AUDIT है –

  • Turnover based GST Audit ( सेक्शन 35(5) )
  • General Audit ( सेक्शन 65 )
  • Special Audit (सेक्शन 66 )



Turnover based Audit under GST –

यह ऑडिट CA या CMA द्वारा की जाती है। यह उस केस में की जाती है जब GST में Registered Person का Turnover 2 करोड़ से अधिक का हो जाता है।

जब Registered Person का Turnover 2 करोड़ से अधिक का हो जाता है, तो उस पर्सन का यह दायित्व है कि वह अपने accounts की audit करवाए और Audited Accounts की कॉपी, फॉर्म 9 C में Reconcilation Statment और other documents को ऑनलाइन जमा करवाये।

ये डाक्यूमेंट्स रजिस्टर्ड पर्सन की annual return के साथ जमा करवाए जायेंगे। ये सभी documents अगले फाइनेंसियल ईयर की 31 दिसंबर तक जमा करवाए जायेंगे।

General Audit – Audit by Tax Authority

यह ऑडिट GST Authority द्वारा की जाती है। इस ऑडिट के लिए GST Authority में जीएसटी कमिशनर या उसके द्वारा Authorised किसी ऑफिसर को शामिल किया गया है।

लेकिन General Audit को करने के लिए Registered Person को कम से कम 15 दिन का नोटिस दिया जाना जरुरी है। यह नोटिस form Gst ADT 01 में दिया जायेगा।

General Audit रजिस्टर्ड पर्सन के ” Place of Business ” या Gst Authority के ऑफिस में की जा सकती है। ऑडिट के शुरू होने की तारीख  से 3 month के भीतर इसे खत्म करना जरुरी है।

लेकिन यदि कमिशनर को लगता है कि Audit को 3 month में पूरा नहीं किया जा सकता, तो इसे वह अधिकतम 6 month ओर आगे बढ़ा सकता है।

जिस पर्सन की ऑडिट की जा रही है उसे Authorised officer को

  • Books of Accounts और other डाक्यूमेंट्स को verify करवाने के लिए आवश्यक facility उपलब्ध करवानी होगी;
  • सूचना जो भी उस ऑफिसर द्वारा मांगी जाये और ऑडिट को समय पर पूरा करवाने के लिए असिस्टेंट उपलब्ध करवाना होगा।

ऑडिट के निष्कर्ष (conclusion ) के 30 दिनों के भीतर Proper Officer द्वारा form GST ADT 02 में रजिस्टर्ड पर्सन को उसके अधिकार, obligation और Audit के कारण बताने होंगे।

Special Audit under GST –

यह ऑडिट GST Authority द्वारा रजिस्टर्ड पर्सन को आर्डर देने पर करवानी होती है।

जीएसटी ऑफिसर जो कि असिस्टेंट कमिशनर से कम रैंक का नहीं हो को scrutiny, inquiry, investigation या अन्य किसी करवाई में लगता है कि रजिस्टर्ड पर्सन द्वारा कोई value correctly declared नहीं की गयी है या इनपुट टैक्स क्रेडिट normal लिमिट से बाहर ली गयी है, तो वह ऑडिट के लिए आर्डर दे सकता है।

असिस्टेंट कमिशनर द्वारा ऑडिट के आर्डर देने से पहले कमिशनर की approval लेनी पड़ेगी।

Special Audit Ca या CMA द्वारा की जाएगी और ऑडिट रिपोर्ट सीधे कमिशनर को दी जाएगी।  ऑडिटर द्वारा यह रिपोर्ट ऑडिट के complete होने के 90 दिनों के भीतर दी जाएगी। यह पीरियड आगे 90 दिनों तक और बढ़ाया जा सकता है यदि पर्याप्त कारण हो।

इस ऑडिट से जुड़े खर्चे, CA या CMA को दी गयी फीस कमिशनर द्वारा दी जायेगी। special audit के conclusion पर रजिस्टर्ड पर्सन को form GST ADT 04 में सूचना दी जायेगी।

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