gst compensation cess के बारे में पूरी जानकारी – gst compensation cess in hindi

gst compensation cess के बारे में पूरी जानकारी – gst compensation cess in hindi

जीएसटी compensation सेस क्या है ? (what is gst compensation cess in hindi)

Gst compensation cess एक एडिशनल टैक्स है जो कि notified goods (sin गुड्स & luxury goods ) पर लगाया जाता है। यह notified goods पर sgst, cgst या igst के अलावा लगाया जाता है।

gst compensation cess सप्लाई किये गए गुड्स की वैल्यू पर लगाया जाता है। गुड्स की वैल्यू में जीएसटी के amount को शामिल नहीं किया जाता। (more…)

बिज़नेस में नुकसान से इनकम टैक्स कैसे बचाया जा सकता है ? set off and carry forward of losses in hindi

बिज़नेस में नुकसान से इनकम टैक्स कैसे बचाया जा सकता है ? set off and carry forward of losses in hindi

अगर आप कोई इनकम कमाते है तो उस पर आपको इनकम टैक्स का पेमेंट भी करना पड़ता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए आप अलग -अलग स्कीम में इन्वेस्टमेंट भी करते है, ताकि आपकी टैक्स की liability कम से कम हो सके।

लेकिन इन सबके अलावा एक और तरीका है, जिससे आप अपना टैक्स बचा सकते है और वह तरीका है अपने losses को अपने profit से सेट ऑफ करना। (more…)

किसी व्यक्ति का residential status कैसे चेक करते है ?

किसी व्यक्ति का residential status कैसे चेक करते है ?

residential status meaning in hindi –  यदि किसी पर्सन पर tax लगाना है, तो सबसे पहले उसका Residential status देखा जाता है। बिना किसी person का Residential status देखे उसका Tax नहीं निकाला जा सकता। (more…)

इनकम टैक्स रिटर्न last date के बाद फाइल करने पर कितना इंटरेस्ट और पेनल्टी लगायी जायेगी ?

इनकम टैक्स रिटर्न last date के बाद फाइल करने पर कितना इंटरेस्ट और पेनल्टी लगायी जायेगी ?

interest and penalty for late filing of itr u/s 234A & 234F in hindi – कई बार करदाता अपनी इनकम टैक्स रिटर्न को टाइम से फाइल नहीं करता है या फिर कभी -कभी फाइल ही नहीं करता है। लेकिन ऐसा करने से करदाता (Assessee )  अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो जाता और इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार उसे इंटरेस्ट और पेनल्टी का भुगतान करना पड़ता है। (more…)

कैपिटल गेन पर टैक्स कैसे बचाये ? – section 54 of income tax act in hindi

कैपिटल गेन पर टैक्स कैसे बचाये ? – section 54 of income tax act in hindi

section 54 of income tax act in hindi – जब भी कोई पर्सन किसी Assets को बेचता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी समस्या उस Assets को बेचने पर होने वाली इनकम पर टैक्स चुकाने की होती है, जिसे हम कैपिटल गेन टैक्स भी कहते है।

आज भारत में अधिकतर लोगो ने पैसे प्रॉपर्टी में लगाये हुए है, ताकि इस प्रॉपर्टी को बाद में बेचकर वो एक अच्छी इनकम कर सके। लेकिन जब वो प्रॉपर्टी को sell करते है, तो उन्हें अपनी इनकम पर टैक्स की एक बड़ी राशि का भुगतान करना पड़ता है जिससे उनके हाथ में काफी कम इनकम आती है। (more…)

Footer Codes in Head and Footer Code