audit under gst – जीएसटी में ऑडिट कब की जाती है और कितने टाइप्स की ऑडिट की जा सकती है।

audit under gst – जीएसटी में ऑडिट कब की जाती है और कितने टाइप्स की ऑडिट की जा सकती है।

audit under gst – जीएसटी में रजिस्टर पर्सन को Chartered accountant (CA) या Cost accountant (CMA)  से अपने खातों की ऑडिट करवानी पड़ती है। एक रजिस्टर्ड पर्सन को जीएसटी एक्ट के प्रोविज़न्स के आधार पर GST AUDIT करवानी पड़ती है।

आज के आर्टिकल में हम gst audit के types और ऑडिट करवाना कब जरुरी है के बारे में जानेंगे। (more…)

Taxation of voluntary retirement scheme in hindi – स्वैच्छिक सेवानिवृति पर टैक्स की कैलकुलेशन कैसे की जायेगी ?

Taxation of voluntary retirement scheme in hindi – स्वैच्छिक सेवानिवृति पर टैक्स की कैलकुलेशन कैसे की जायेगी ?

Taxation of voluntary retirement scheme in hindi – voluntary retirement scheme को VRS भी कहा जाता है, जिसका हिंदी में मतलब है स्वैच्छिक सेवानिवृति। यह एक रिटायरमेंट बेनिफिट है जो कि employees को दिया जाता है।

VRS क्या है, ये कब दिया जाता है और क्या वी आर एस पर प्राप्त compensation पर tax लगाया जाता है। इन सभी के बारे में हम आज के आर्टिकल (Taxation of voluntary retirement scheme in hindi) में चर्चा करेंगे। (more…)

job work under gst in hindi

job work under gst in hindi

job work under gst in hindi – एक पर्सन जब goods को किसी अन्य पर्सन को ट्रांसफर करता है, तो इसे सप्लाई माना जाता है और goods की सप्लाई होने पर उस ट्रांज़ैक्शन पर जीएसटी लगाया जाता है।

लेकिन अगर वह पर्सन उस goods  को sell न करके उस पर कुछ काम करवाने के लिए आगे भेजता है, तो यह प्रोसेस जॉब वर्क मानी जाती है। (more…)

gst compensation cess के बारे में पूरी जानकारी – gst compensation cess in hindi

gst compensation cess के बारे में पूरी जानकारी – gst compensation cess in hindi

जीएसटी compensation सेस क्या है ? (what is gst compensation cess in hindi)

Gst compensation cess एक एडिशनल टैक्स है जो कि notified goods (sin गुड्स & luxury goods ) पर लगाया जाता है। यह notified goods पर sgst, cgst या igst के अलावा लगाया जाता है।

gst compensation cess सप्लाई किये गए गुड्स की वैल्यू पर लगाया जाता है। गुड्स की वैल्यू में जीएसटी के amount को शामिल नहीं किया जाता। (more…)

बिज़नेस में नुकसान से इनकम टैक्स कैसे बचाया जा सकता है ? set off and carry forward of losses in hindi

बिज़नेस में नुकसान से इनकम टैक्स कैसे बचाया जा सकता है ? set off and carry forward of losses in hindi

अगर आप कोई इनकम कमाते है तो उस पर आपको इनकम टैक्स का पेमेंट भी करना पड़ता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए आप अलग -अलग स्कीम में इन्वेस्टमेंट भी करते है, ताकि आपकी टैक्स की liability कम से कम हो सके।

लेकिन इन सबके अलावा एक और तरीका है, जिससे आप अपना टैक्स बचा सकते है और वह तरीका है अपने losses को अपने profit से सेट ऑफ करना। (more…)

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