अगर आप कोई इनकम कमाते है तो उस पर आपको इनकम टैक्स का पेमेंट भी करना पड़ता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए आप अलग -अलग स्कीम में इन्वेस्टमेंट भी करते है, ताकि आपकी टैक्स की liability कम से कम हो सके।

लेकिन इन सबके अलावा एक और तरीका है, जिससे आप अपना टैक्स बचा सकते है और वह तरीका है अपने losses को अपने profit से सेट ऑफ करना।




एक पर्सन 5 Head में अपनी इनकम कमाता है – (1) सैलरी, (2) House Property, (3) बिज़नेस & प्रोफेशन से प्रॉफिट, (4) कैपिटल गेन, और (5) other source से इनकम। इन heads में सिर्फ सैलरी को छोड़कर सभी Head में आपको Loss हो सकते है।

और अगर किसी Head में आपको loss होता है, तो आप उसे अपने profit से set -off कर सकते है, जिससे आपका टैक्स कम हो सकता है।

लेकिन इन losses को set -off करने के कुछ तरीके और नियम होते है, जिनके बारे में हम आज के आर्टिकल set off and carry forward of losses in hindi में जानेंगे।

losses को set – off करना क्या होता है ?

मान लीजिये आप के 2 बिज़नेस है और एक बिज़नेस से आपको 3 लाख का प्रॉफिट और दूसरे बिज़नेस से आपको 2 लाख का Loss होता है।

तो इस केस में आप अपने दोनों बिज़नेस से हुए profit और losses को आपस में set -off कर सकते है और आपका net profit 1 लाख का हो जायेगा। इस 1 लाख के profit पर ही आपकी टैक्स की कैलकुलेशन की जाएगी।

आप losses को किस तरीके से set -off कर सकते है ?

किसी भी हेड के losses को 3 तरीके से set -off किया जा सकता है –

  • same head में losses को सेट ऑफ करना,
  • किसी अन्य head में losses को सेट ऑफ करना,
  • आगे के वर्षो में losses को carry forward करना, ताकि भविष्य में profit होने पर उन्हें set off किया जा सके।

losses को same head में set -off करना – 

same head में losses को set -off करने का मतलब है कि जिस head में आपके loss है उन्हें उसी head की किसी अन्य इनकम से सेट ऑफ करना। जैसे – किसी एक house property के loss को दूसरी house property के प्रॉफिट से सेट ऑफ करना।

लेकिन same head में losses को सेट ऑफ़ करने के कुछ नियम होते है, जो कि है –

  • किसी speculation business से हुए loss को सिर्फ speculation business के प्रॉफिट से ही सेट ऑफ किया जा सकता है, किसी अन्य बिज़नेस के प्रॉफिट से नहीं।
  • specified business के loss को भी सिर्फ specified business के प्रॉफिट से ही सेट ऑफ किया जा सकता है।
  • long term capital loss सिर्फ long term capital gain से ही set off होगा।
  • रेस के लिए रखे घोड़ों को रखने और देखभाल करने से हुए loss को किसी अन्य इनकम (hourse रेस की इनकम के अलावा ) से set off नहीं किया जा सकता।
  • lottery, क्रॉसवर्ड puzzle, रेस और किसी गेम से हुई इनकम से किसी भी loss को set off नहीं किया जा सकता।

अब कुछ ऐसे loss भी है जिन्हे एक हेड में set off करने में इनकम टैक्स एक्ट में किसी तरह से मना नहीं किया गया है, जो कि है –

  • एक house property से हुए loss को किसी अन्य house Property की इनकम से set -off किया जा सकता है।
  • एक बिज़नेस से हुए loss को किसी अन्य बिज़नेस की इनकम से set off किया जा सकता है। यानि एक सामान्य बिज़नेस के loss को speculation business के profit से भी set -off किया जा सकता है।

किसी एक head के losses को किसी दूसरे head की इनकम से set off करना – 

इसमें एक head के loss को दूसरे head की इनकम से set -off किया जाता है, जैसे – house property के loss को सैलेरी की इनकम से set -off करना।

इसके कुछ नियम है –

  • कैपिटल गेन head के loss को किसी अन्य हेड की इनकम से set -off नहीं किया जा सकता।
  • किसी करमुक्त source से हुए loss को किसी टैक्सेबल इनकम से set -off नहीं किया जा सकता।
  • Assessment Year 2018 -19 से house property के loss किसी अन्य हेड की इनकम से 2 लाख की limit तक ही set -off किये जा सकते है। लेकिन बचे हुए losses को आगे के वर्षों में carry forward किया जा सकता है।



losses को आगे के वर्षों में carry forward करना – 

यदि कोई ऐसा loss है जो same head और दूसरे head की इनकम से set off नहीं हो पाता है और loss का amount अभी बच जाता है, तो इस बचे हुए loss को आगे के वर्षो में carry forward किया जा सकता है।

losses को carry forward करने की time limit और नियम – 

Loss  

जिस Head की इनकम से set off किये जा सकते है , कितने वर्ष तक loss आगे के वर्षों में carry forward किये जा सकते है ?

क्या समय पर इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरुरी है ?

House Property  All Head 8 years No
बिज़नेस & प्रोफ़ेशन सैलरी के अलावा सभी हेड 8 years yes
speculation business speculation business 4 years yes
long term capital loss long term capital gain 8 years yes
short term capital loss short term और long term capital gain दोनों से 8 years yes

 

other points – set off and carry forward of losses in hindi

  • बिज़नेस या प्रोफेशन के loss आपकी salary की इनकम से set off नहीं किये जा सकते।
  • बिज़नेस या प्रोफेशन के loss को आगे के वर्षो में carry forward किया जाता है, तो यह जरुरी नहीं है कि जिस बिज़नेस या प्रोफेशन के loss है, वह उस समय भी चालू रहे जब इन्हे set off किया जा रहा हो।
  • short term capital loss को long term capital gain से सेट ऑफ किया जा सकता है, लेकिन long term Capital loss को short term capital gain से set off नहीं किया जा सकता है।

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