Taxation of Agricultural income – इनकम टैक्स एक्ट में Agricultural Income को टैक्स से मुक्त किया गया है यानि कि आपकी कृषि से होने वाली इनकम को पूरी तरह टैक्स से छूट दी गयी है। लेकिन आपकी कृषि की इनकम के अलावा भी दूसरे स्रोतों से इनकम होती है तो आपकी इनकम पर टैक्स की कैलकुलेशन अलग तरह से की जाएगी। जिसके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे।
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Agricultural Income (कृषि आय ) क्या होती है – what is agriculture income
Agricultural Income में शामिल होने वाली इनकम –
- भारत में स्थित Land जो कि कृषि के Purpose के लिए उपयोग की जाती है, से प्राप्त किराया या कोई इनकम ।
- ऐसी Land पर कृषि कार्यो से होने वाली इनकम जिसमे कृषि उत्पाद को बाजार में बेचने लायक Condition में लाने के लिए की जाने वाली Processing भी शामिल है।
- Agricultural Land पर स्थित बिल्डिंग(Farm) को कृषि उत्पादों के Storage या निवासीय इकाई के रूप में उपयोग करने से होने वाली इनकम।
- Nursery में पेड़ – पौधों को उगाने से होने वाली इनकम
- कृषि उत्पादों को बेचने से होने वाली इनकम।
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Taxation of Agricultural Income
कृषि से होने वाली इनकम टैक्स फ्री होती है लेकिन कुछ शर्तों के पूरा होने पर इसे आपकी Non Agricultural Income में जोड़ दिया जाता है और फिर टैक्स की कैलकुलेशन की जाती है।
ये शर्ते है –
- आपकी Net Agricultural Income Rs. 5000 से अधिक है, और
- आपकी Total Income कृषि आय को शामिल किये बिना बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट से ज्यादा है।
यानि कि आपकी Agricultural Income 5000 से कम है तो आपकी टैक्स कैलकुलेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और अगर 5000 से ज्यादा है तो आपकी टैक्स की कैलकुलेशन बदल जाएगी। इसको हम एक उदाहरण से समझते है –
Example : आपकी उम्र 50 वर्ष है और आपकी कुल आय Rs. 6,00,000 है इसमें कृषि आय शामिल नहीं है। आपकी कृषि से Rs. 1,50,000 की इनकम होती है।
अब इस उदाहरण में देखा जाये तो आपकी 6 लाख की इनकम टैक्सेबल है और 1.5 लाख की इनकम करमुक्त है। लेकिन हम इसमें उन 2 शर्तो को चेक करेंगे जो कि अगर पूरी होती है तो इसमें टैक्स की कैलकुलेशन दूसरे तरीके से की जाएगी।
इस उदारहण में आपकी कृषि से इनकम 5000 से अधिक है और आपकी दूसरी इनकम भी basic exemption limit (Rs. 2,50,000 ) से ज्यादा है।
Income Tax Calculation
Step 1 – सबसे पहले हम Agricultural Income को शामिल करते हुए कुल इनकम निकालेंगे जो कि Rs. 750000 (Rs. 600000 + Rs. 150000 ) है। Rs. 750000 की इनकम पर टैक्स आयेगा Rs. 75,000 । यानि कि इस स्टेप में हमारा टैक्स 75,000 आया।
Step 2 – दूसरी स्टेप में हम Agricultural इनकम को बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट में जोड़ देंगे और उस पर टैक्स की कैलकुलेशन करेंगे। यानि कि Agricultural Income Rs. 1,50,000 + बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट Rs. 2,50,000 ( 60 वर्ष से कम के केस में ) = Rs. 4,00,000 पर टैक्स की राशि निकालनी पड़ेगी । इस पर इनकम टैक्स Rs.15,000 का आयेगा।
Step 3 – इस स्टेप में हम सेकंड स्टेप में निकाले गए टैक्स को फर्स्ट स्टेप में निकाले गए टैक्स में से घटा देंगे जिससे हमारी फाइनल टैक्स की लायबिलिटी आ जाएगी। यानि कि Rs. 60,000 (75,000 – 15,000 ) ।
Income Tax Return Form
एग्रीकल्चरल इनकम टैक्स फ्री होती है लेकिन इसे इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाना पड़ता है। अगर आपकी एग्रीकल्चरल इनकम 5000 तक है तो आप इसे ITR 1 में दिखा सकते है। और
यदि 5000 से अधिक है तो इसे ITR 2 में दिखा सकते है।
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स के बारे में जानने के लिए आप इनकम टैक्स रिटर्न क्या है और इनकम टैक्स रिटर्न के सभी फॉर्म्स की डिटेल ( NEW FORMS) पढ़ सकते है।
क्या Agricultural Land को बेचने पर टैक्स लगेगा ?
इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार जब भी हम कोई कैपिटल एसेट्स बेचते है तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाता है। इसका मतलब यह है कि कैपिटल गेन टैक्स लगाने के लिए कैपिटल एसेट्स का बेचना जरुरी है।
Agricultural Land को टैक्सेशन के लिए ग्रामीण कृषि भूमि और शहरी कृषि भूमि में डिवाइड किया जाता है। और ग्रामीण कृषि भूमि को कैपिटल एसेट्स नहीं माना जाता है इसलिए ग्रामीण कृषि भूमि को बेचने पर होने वाला Profit कर मुक्त होता है।
जबकि शहरी भूमि को कैपिटल एसेट्स की डेफिनेशन में शामिल किया गया है, इसलिए इसे बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लायबिलिटी को attract करता है। लेकिन सेक्शन 54 बी की शर्तो के पूरा करने पर आप इस टैक्स को बचा सकते है।
कैपिटल गेन टैक्सेशन पर अधिक जानकारी के लिए Capital Gains Tax क्या है पढ़ सकते है।
इनकम टैक्स एक्ट के हिसाब से किस जमीन को ग्रामीण कृषि भूमि माना जायेगा ? rural area for the purpose of income tax act 1961 –
ग्रामीण कृषि भूमि (rural agriculture land ) को बेचने पर किसी भी तरह की कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं आती है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप किसी ग्रामीण कृषि भूमि को बेचते है तो इस पर आपको कुछ भी टैक्स जमा करवाने की जरुरत नहीं होती है।
इस जमीन को बेचने से हुई इनकम को आपको अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में टैक्स फ्री इनकम में दिखाना होगा।
इनकम टैक्स एक्ट के हिसाब से ग्रामीण कृषि भूमि वह मानी जायेगी, जो कि म्युनिसिपेलिटी या कैंटोनमेंट से निर्धारित किलोमीटर की दूरी पर हो।
rural agriculture land वह मानी होगी जो कि इस किलोमीटर की दूरी के बाहर हो –
2 kilometres from the local limits of municipality/cantonment board | म्युनिसिपेलिटी या कैंटोनमेंट बोर्ड की population 10000 से अधिक लेकिन 1 लाख से कम हो, |
6 kilometres from the local limits of municipality/cantonment board | म्युनिसिपेलिटी या कैंटोनमेंट बोर्ड की population 1 लाख से अधिक लेकिन 10 लाख से कम हो, |
8 kilometres from the local limits of municipality/cantonment board | म्युनिसिपेलिटी या कैंटोनमेंट बोर्ड की population 10 लाख से अधिक हो, |
Conclusion :
- एग्रीकल्चरल इनकम 5000 से कम है तो यह टैक्स फ्री है।
- यदि आपकी एग्रीकल्चरल इनकम 5000 से अधिक है और आपकी कोई दूसरी इनकम नहीं है तो यह पूरी तरह से टैक्स फ्री है।
- आपकी एग्रीकल्चरल इनकम है और इसके अलावा आपकी दूसरी इनकम भी है लेकिन वह बेसिक एक्सेम्पशन लिमिट से कम है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा।
तो दोस्तो इस आर्टिकल में हमने एग्रीकल्चरल इनकम के टैक्सेशन पर चर्चा की और अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे शेयर जरूर करे।
धन्यवाद !
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