what is e way bill in hindi under gst – GST लागू होने के बाद से GST Act में आये दिन अलग – अलग तरह के  बदलाव किये जा रहे है जिससे हर वर्ग के लोग चाहे वो व्यापारी हो या आम आदमी या कोई एक्सपर्ट हो सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 1 अप्रैल 2018 से भारत में ई वे बिल सिस्टम  (GST E WAY BILL ) लागू किया जा चुका है।





आज के आर्टिकल (what is e way bill in hindi under gst ) में हम जानेंगे ई-वे बिल क्या है और इसके अलग अलग प्रावधान क्या है।

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what is e way bill in hindi under gst – ई वे बिल क्या है ?

E way bill एक इलेक्ट्रॉनिक way बिल है जो कि 50,000 से अधिक के गुड्स की सप्लाई करने पर e way bill portal पर generate करना पड़ेगा। यानि कि अगर कोई भी सप्लायर एक स्थान से दूसरे स्थान पर goods की supply कर रहा है और गुड्स की value 50,000 से अधिक है, तो उसे गुड्स की सप्लाई करने से पहले e way bill generate करना पड़ेगा।

एक supplier अगर चाहे तो 50,000 से कम गुड्स की सप्लाई करने पर भी e way bill generate करने का option ले सकता है।

जब भी e way bill generate किया जायेगा तो एक यूनिक e way bill नंबर ( EBN )  दिया जायेगा, जिसकी detail सप्लायर, प्राप्तकर्ता और ट्रांसपोर्टर को प्राप्त होगी।

e way bill को दो पार्ट्स में डिवाइड किया गया है – PART A & PART B.

इन Parts में  गुड्स प्राप्तकर्ता के जीएसटी नंबर, goods की डिलीवरी का स्थान, invoice नंबर, इनवॉइस की Date, गुड्स की वैल्यू , HSN कोड, transport किया जाने का कारण ( सेल, ब्रांच ट्रांसफर,एक्सपोर्ट या इम्पोर्ट, सेल रिटर्न आदि ), ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट नंबर और जिस गाड़ी में गुड्स ट्रांसपोर्ट किये जा रहे है उसके नंबर क्या है, के बारे में जानकारी भरी जाएगी।

यह जरुरी नहीं है कि e way bill गुड्स को बेचने के लिए ट्रांसपोर्ट किये जाने पर ही generate किये जाये।  e way बिल गुड्स की सप्लाई पर generate किया जायेगा जिसमे सेल, एक्सचेंज/बार्टर, sales return, ब्रांच ट्रांसफर आदि को शामिल किया जायेगा।

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ई – वे बिल कौन generate ( जारी )  कर सकता है ? – Who can issue e way bill – 

E way bill रजिस्टर्ड पर्सन, Unregistered पर्सन या Transporter किसी के भी द्वारा जारी  किया जा सकता है।

यदि एक सप्लायर गुड्स ट्रांसपोर्ट कर रहा है चाहे अपने वाहन में या किसी अन्य के वाहन में तो उसे गुड्स ट्रांसपोर्ट करने से पहले ई वे बिल generate करना पड़ेगा।

अगर सप्लायर किसी अन्य के वाहन में गुड्स ट्रांसपोर्ट कर रहा है और सप्लायर के द्वारा ई वे बिल generate नहीं किया जाता है तो e way bill जारी करने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की हो जाती है।

ट्रांसपोर्टर गुड्स को Air, रोड. या रेल किसी भी तरह से ट्रांसपोर्ट कर सकता है।  यदि ट्रांसपोर्टर द्वारा एक से अधिक consignment ले जाये जा रहे है तो उसको एक consolidate e way bill जारी करना पड़ेगा जिसमे उसके द्वारा ले जाये जा रहे सभी e way bill के नंबर भरे जायेंगे।

अगर गुड्स किसी Unregistered पर्सन के द्वारा किसी रजिस्टर्ड पर्सन को ट्रांसपोर्ट किये जा रहे है तो उस Unregistered पर्सन को भी ई वे बिल जारी करना जरुरी है।

इसके अलावा रजिस्टर्ड पर्सन ( रिसीवर ) को भी उन सभी compliance के बारे में सुनिश्चित रहना होगा जो कि एक रजिस्टर्ड पर्सन के द्वारा गुड्स ट्रांसपोर्ट किये जाने पर जरुरी होते।

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ई वे बिल  कब जारी नहीं किया जायेगा ?  E way bill not required to issue – 

ई way bill जारी नहीं किया जायेगा –

  1. यदि गुड्स बिना मोटर के वाहन में ट्रांसपोर्ट किये जा रहे हो।
  2. यदि Goods कस्टम द्वारा port, एयरपोर्ट, एयर कार्गो complex या land कस्टम स्टेशन से inland container depot (ICD ) या container freight station (CFS ) के clearance के लिए ट्रांसपोर्ट किये जा रहे हो।
  3. Specified goods का ट्रांसपोर्ट किया जा रहा हो।

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e way bill जारी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज – documents required for e way bill 

E way Bill ऑनलाइन generate करने के अलावा sms और एंड्राइड एप्प के द्वारा भी generate किया जा सकता है।

इसे generate करना बहुत ही आसान है। ई वे बिल किसी के भी द्वारा जारी किया जा रहा हो इसे generate करने के लिए आपके पास आवश्यक दस्तावेज होने आवश्यक है जिनकी लिस्ट नीचे दी गयी है –

  1. ट्रांसपोर्ट किये जा रहे गुड्स के सम्बन्ध में इनवॉइस/बिल ऑफ़ सप्लाई/चालान,
  2. जिस पर्सन के द्वारा ई वे बिल generate किया जा रहा है उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, और
  3. गुड्स, रिसीवर और ट्रांसपोर्टर की डिटेल आपके पास में E way Bill generate करने के समय होनी चाहिए।

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e way bill जारी करने के कितने समय तक Validity रहता है ?( validity of e way bill in hindi ) – 

ई -वे Bill की वैलिडिटी उसको generate किये जाने की Date और टाइम से कैलकुलेट की जाती है।

यदि गुड्स निर्धारित की गयी समय सीमा तक ट्रांसपोर्ट नहीं किये जाते है तो वह ई वे बिल कैंसिल हो जाता है और उसके बाद एक नया E way Bill generate करना पड़ता है।

ई वे बिल की वैलिडिटी को कब बढ़ाया जा सकता है ? When to extend e way bill validity?

यदि कन्साइनमेंट निर्धारित समय में गंतव्य (destination ) तक नहीं पहुँच पाता है, तो जनरेटर या transporter ई वे बिल की वैलिडिटी को extend कर सकता है।

लेकिन validity तब ही extend की जा सकती है जब कन्साइनमेंट समय पर नहीं पहुँचने का कारण निम्न में से कोई हो, –

  • वाहन के ख़राब होने के कारण,
  • natural कारण,
  • वाहन के रास्ते में होने पर जारी किये गये Law या order की वजह से,
  • वाहन का accident होने पर, या
  • Trans- shipment में देरी होने के कारण।

अगर ऊपर बताये गए किसी कारण से कन्साइनमेंट समय से नहीं पहुँच पाता है, तो generator या transporter बिल के expiry time के समाप्त होने से 8 घंटे के भीतर या time समाप्त होने के 8 के भीतर e way bill validity को extend कर सकते है।

example : यदि ई वे बिल की validity 5 नवम्बर 2018 को 6 PM पर expire हो रही है तो, 5 नवम्बर को 10 AM तक या 6 नवम्बर को 2 AM के भीतर e way बिल की validity extend की जा सकती है।

अगर आपको आर्टिकल what is e way bill in hindi under gst) में ई – वे बिल के बारे में जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे आगे शेयर जरूर करे।

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