पैन कार्ड की जानकारी

what is pan card in hindi – पैन कार्ड के बारे में आपने कई बार सुना होगा और आपमें से कई लोग इसे पहचान पत्र के रूप में भी काम में ले रहे होंगे, लेकिन फिर भी कई लोगो को पैन कार्ड की जानकारी नहीं है जैसे कि पैन कार्ड क्या है, Pan Card Full Form, पैन कार्ड क्यों जरुरी है, पैन कार्ड नंबर क्या है ,और पैन कार्ड बनवाने के फायदे क्या है।

आप सभी लोगों को पैन कार्ड की जानकारी देने के लिए ही ये आर्टिकल लिखा गया है जिससे कि आप पैन कार्ड के बारे में अच्छी तरह से जान सके, क्योकि  इनकम टैक्स एक्ट में पैन कार्ड के सम्बन्ध में कुछ पेनल्टी भी बताई गयी है तो इन से बचने के लिए आपको पैन कार्ड के सम्बन्ध में जानकारी होना बहुत जरुरी है।

आर्टिकल (what is pan card in hindi)  में सबसे पहले हम जानेंगे कि Pan Card Full Form और पैन कार्ड क्या होता है।


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Pan Card Full Form – पैन कार्ड फुल फॉर्म

Pan Card Ka Full Form परमानेंट अकाउंट नंबर है। जैसे कि नाम से ही पता चल रहा है कि पैन कार्ड एक व्यक्ति के लिए परमानेंट होता है। एक व्यक्ति जो कि पैन कार्ड के लिए आवेदन करता है उसे एक यूनिक नंबर दिए जाते है, जिन्हे हम सभी पैन नंबर के तौर पर जानते है। पैन नंबर सिर्फ एक बार ही व्यक्ति को आबंटित किये जाते है जो कि व्यक्ति की पूरी लाइफ में वैध रहते है।

यदि आपकी इनफार्मेशन में कुछ चेंज होता है जिसके बेस पर आपको पैन कार्ड आबंटित किया गया था तो आपको पैन कार्ड में करेक्शन का आवेदन करना चाहिए जैसे की आप वर्तमान में दिल्ली में रहते हो लेकिन बाद में आप जयपुर शिफ्ट हो जाते है तो आपको पैन कार्ड के एड्रेस में चेंज का आवेदन करना चाहिए। इससे आपका पैन नंबर नहीं बदलेगा बल्कि आपका इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जो एड्रेस है वह अपडेट हो जायेगा।

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पैन कार्ड क्या है – what is pan card in hindi

Pan card एक 10 अंको की अल्फान्यूमेरिक संख्या होती है जिसमे पहले 5 डिजिट अल्फाबेट्स, अगले 4 डिजिट संख्यात्मक और आखिरी का 1 डिजिट अल्फा बेटस होता है। For Example- AABPM2265H । पैन कार्ड के पहले 3 डिजिट A – Z के बीच के कोई भी अल्फाबेटस होते है। पैन कार्ड का चौथा अंक आपके स्टेटस को बताता है जैसे कि आप एक कंपनी है तो C, व्यक्ति है तो P और अगर फर्म है तो F आदि।

पाँचवा अंक यदि आप एक व्यक्ति है तो आपके सरनेम ( आखिरी नाम ) को या यदि आप फर्म, कंपनी या संगठन है तो आपकी कंपनी, फर्म या संगठन का नाम होता है। पैन कार्ड के लास्ट पांच नम्बरो में 4 संख्यात्मक होते है और आखिरी का नंबर अल्फाबेट होता है।

पैन कार्ड आपके द्वारा किये गए फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाने के काम आता है, जिससे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आपके द्वारा किये गए ट्रांजैक्शन के बारे में पता चलता है। पैन कार्ड से सभी ट्रांजैक्शन डिपार्टमेंट की नजर में आ जाते है जिससे कर चोरी को रोका जा सकता है।

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क्या पैन कार्ड लेना जरुरी है ? (why pan card is necessary )

अधिकतर लोगो के मन में यही सवाल रहता है कि क्या पैन कार्ड लेना जरुरी होता है ?

इसका सिंपल सा जवाब है, नहीं । पैन कार्ड लेना जरुरी नहीं होता है लेकिन कुछ परिस्थतियों में Pan card लेना जरुरी होता है जैसे-

  1. आपकी इनकम Basic Exemption Limit से ज्यादा है,
  2. यदि आप कोई बिज़नेस या प्रोफेशन कर रहे है और आपकी Total Sales, Total Receipts, या Turnover 5 लाख से ज्यादा है,
  3. अगर आप कोई Tax challan जमा करवा रहे है तो उसमे आपके Pan number होने जरुरी है,
  4. यदि आप इनकम टैक्स Return फाइल कर रहे है।

अगर आप इनमे से कोई भी काम करते है तो आपको पैन कार्ड लेना जरुरी है, इनके अलावा भी कुछ ट्रांजेक्शन है जिनमे आपको अपने पैन नंबर देने पड़ते है जिसके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे।

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Pan Card Ke Fayde – pan card in hindi

अधिकतर लोग सिर्फ इसलिए पैन कार्ड नहीं बनवाते क्योकि उन्हें लगता है की अगर उन्होंने Pan card बनवा लिया तो उन्हें इनकम टैक्स Return फाइल करना जरुरी हो जायेगा जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर आप अपना पैन कार्ड बनवाते है तो आपको Pan card के कुछ फायदे भी मिलते है जैसे कि –

  1. पैन कार्ड का सबसे बाद फायदा तो ये ही है कि यह आपका आइडेंटिटी प्रूफ हो जाता है जो हर जगह मान्य होता है,
  2. यदि आपको कोई पेमेंट/इनकम  प्राप्त हो रहा/रही है और आपको पेमेंट करने वाले (Payer ) द्वारा उस पर टीडीएस काटा जाता है तो आपको Payer को अपना पैन नंबर देना जरुरी है, नहीं तो आप पर अधिकतम रेट से टीडीएस काटा जायेगा,
  3. यदि आप कोई बैंक अकाउंट खुलवाते हो तो वहाँ पर आपको Pan card की जरुरत पड़ सकती है और बैंक में आप पैन कार्ड को आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर भी दे सकते है,
  4. अगर आप बैंक में एक दिन में  50,000 से अधिक जमा करवाना चाहते है तो आप बिना Pan card के जमा नहीं करवा सकते हो,
  5. किसी भी तरह की tax से सम्बन्धित परेशानियों से बचने के लिए।

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पैन कार्ड का उपयोग – use of pan card

आजकल सरकार द्वारा पैन कार्ड का उपयोग कई तरह के ट्रांजेक्शन में अनिवार्य कर दिया गया है। यदि इन ट्रांजेक्शन में पैन कार्ड का उपयोग नहीं किया जाता तो आप पर पेनल्टी भी लग सकती है। जैसे कि –

  1. दो पहिया वाहनों के अलावा किसी भी तरह के वाहन की Sale/Purchases का ट्रांजेक्शन जिसको रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास रजिस्टर करवाना जरुरी है,
  2. किसी भी बैंकिंग कंपनी को क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए,
  3. डीमैट अकाउंट खोलने के लिए,
  4. होटल या रेस्टोरेंट में एक बार में कैश में Rs. 50,000 से अधिक बिल का भुगतान करने पर,
  5. Rs. 50,000 से अधिक का एक समय में कैश में भुगतान जो कि फॉरेन कंट्री में ट्रेवल से सम्बन्धित हो या किसी फॉरेन करेंसी को Purchases करने में,
  6. Rs. 50,000 से अधिक राशि की म्यूच्यूअल फंड की यूनिट को खरीदने के लिए भुगतान,
  7. किसी कंपनी या संस्थान द्वारा जारी किये गए डिबेंचर या बांड्स को प्राप्त करने में Rs. 50,000 से अधिक का भुगतान,
  8. RBI द्वारा जारी किये गए बांड्स को प्राप्त करने में Rs. 50,000 से अधिक का भुगतान,
  9. किसी भी बैंकिंग कंपनी को एक दिन में Rs. 50,000 से अधिक भुगतान करने पर,
  10. एक बैंकिंग कंपनी को बैंक ड्राफ्ट/ पे ऑर्डर्स / बैंकर्स चेक को खरीदने के लिए कैश में Rs. 50,000 से अधिक का भुगतान,
  11. बैंक, पोस्ट ऑफिस, निधि कंपनी, NBFC के साथ एक दिन में Rs. 50,000 से अधिक की या एक फाइनेंसियल ईयर के दौरान Rs. 5,00,000 से अधिक की टाइम डिपोजिट,
  12. RBI द्वारा बैंकिंग कंपनी को जारी किये गए प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट के लिए एक फाइनेंसियल ईयर में Rs. 50,000 से अधिक का भुगतान,
  13. बैंक में सेविंग अकाउंट के अलावा अकाउंट खोलने पर,
  14. LIC प्रीमियम का एक फाइनेंसियल ईयर में Rs. 50,000 से अधिक भुगतान,
  15. शेयर्स के अलावा सिक्योरिटीज के Sale/Purchase के प्रत्येक ट्रांजेक्शन का कॉन्ट्रैक्ट जो कि 1 लाख से अधिक का हो,
  16. यदि किसी पर्सन के द्वारा अनलिस्टेड शेयर्स का Sale/Purchase जब प्रति ट्रांजेक्शन 1 लाख से अधिक हो,
  17. किसी भी अचल सम्पति का क्रय/विक्रय यदि अचल सम्पति का मूल्य 10 लाख से अधिक हो या अचल सम्पति की स्टाम्प ड्यूटी वैल्यू 10 लाख से अधिक हो,
  18. किसी भी पर्सन द्वारा किसी भी तरह के गुड्स या सेवाओं  का Sale/Purchase यदि प्रति ट्रांजेक्शन 2 लाख से अधिक का हो।

यदि ऊपर दिए गए ट्रांजेक्शन में से कोई भी ट्रांजेक्शन आपके द्वारा किया जाता है तो आपको अपने पैन नंबर देना जरुरी है और अगर आप को लगता है कि आपके द्वारा ऐसे कोई भी ट्रांजेक्शन किया जायेगा तो आप पहले ही पैन कार्ड  के लिए आवेदन कर दे जिससे बाद में आपको कोई असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।


यदि ऊपर बताये गए ट्रांजेक्शन में से कोई ट्रांजेक्शन किसी माइनर (18 वर्ष से कम ) द्वारा किया जाता है और माइनर की कोई ऐसी इनकम  नहीं है जिस पर इनकम टैक्स लगाया जाये तो वह अपने फादर या मदर या गार्डियन के पैन नंबर दे सकता है।

इसके अलावा यदि किसी पर्सन के पास पैन कार्ड नहीं है और वह कोई ट्रांजेक्शन करता है जिसके लिए पैन नंबर देना जरुरी है तो वह Form 60 में उस ट्रांजेक्शन के विवरण दे सकता है।

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Pan card के नहीं होने पर लगायी जाने वाली Penalties –

पैन कार्ड के सम्बन्ध में इनकम टैक्स एक्ट में कुछ पेनल्टीज के बारे में प्रावधान है।  कोई पर्सन जिसे इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार पैन कार्ड लेना अनिवार्य था और उसने पैन कार्ड प्राप्त नहीं किया तो उस पर्सन पर Rs. 10,000 की पेनल्टी लगाई जाएगी।

इसके अलावा यदि कोई पर्सन विनिर्दिष्ट ट्रांजेक्शन करता है जहाँ पैन कार्ड नंबर देना अनिवार्य था लेकिन पैन कार्ड नंबर नहीं देता है या  गलत पैन कार्ड नंबर देता है तो उस पर भी Rs. 10,000 की पेनल्टी लगाई जाएगी।

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पैन कार्ड कैसे बनाये ? – pan card apply

what is pan card in hindi आर्टिकल पड़ने के बाद आपको पैन कार्ड की जानकारी अच्छे तरीके से हो गयी होगी और आप जानना भी चाहते होंगे की पैन कार्ड कैसे बनाये ?

पैन कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बनाया जा सकता है। लेकिन यदि आप पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करते है तो यह जल्दी बन जाता है और आसान भी रहता है। इसके अलावा आप ऑनलाइन अपने पैन कार्ड में करेक्शन भी कर सकते है।

पैन कार्ड ऑनलाइन बनवाने या करेक्शन करने के लिए आप https://www.onlineservices.nsdl.com/paam/endUserRegisterContact.html वेबसाइट पर जा सकते है।

Budget 2018 के अनुसार 1 अप्रैल 2018 से किसी भी entity के द्वारा 2.50 लाख से अधिक के फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन करने पर पैन कार्ड अनिवार्य हो गया है।

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